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पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी: क्या है इसके पीछे का कारण?

हाल ही में देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि हुई है, जिससे आम जनता पर महंगाई का असर पड़ने की संभावना है। दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 97.77 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत 90.67 रुपये प्रति लीटर हो गई है। इस बढ़ोतरी के पीछे कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और तेल कंपनियों के नुकसान को प्रमुख कारण माना जा रहा है। जानें इस मुद्दे पर और क्या कहा गया है और इसके संभावित प्रभाव क्या हो सकते हैं।
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पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी: क्या है इसके पीछे का कारण?

महंगाई का नया दौर: ईंधन की कीमतों में वृद्धि


नई दिल्ली: देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि की गई है। दिल्ली में दोनों ईंधनों के दाम में 3-3 रुपये प्रति लीटर का इजाफा हुआ है। इंडियन ऑयल द्वारा जारी नए रेट के अनुसार, आम जनता पर महंगाई का प्रभाव पड़ना निश्चित है।


चुनाव के बाद ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी की अटकलें काफी समय से चल रही थीं, और अब वही हुआ है जिसका डर जताया जा रहा था। यह पहली बार है जब 2022 के बाद पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ाए गए हैं। कच्चे तेल की कीमतों में भारी वृद्धि और तेल कंपनियों के बढ़ते नुकसान को इसके प्रमुख कारणों में से एक माना जा रहा है।


दिल्ली में पेट्रोल की नई कीमत

दिल्ली में पेट्रोल 97.77 रुपये प्रति लीटर हो गया


इंडियन ऑयल के नए रेट के अनुसार, दिल्ली में पेट्रोल की कीमत अब 97.77 रुपये प्रति लीटर है, जबकि डीजल 90.67 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। इससे पहले, पेट्रोल की कीमत 94.77 रुपये और डीजल की कीमत 87.67 रुपये प्रति लीटर थी।


अन्य शहरों में भी दामों में वृद्धि

कोलकाता और चेन्नई में भी बढ़े दाम


कोलकाता में पेट्रोल की कीमत 108.74 रुपये प्रति लीटर हो गई है, जबकि डीजल 95.13 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। वहीं, चेन्नई में शुक्रवार 15 मई से पेट्रोल 103.67 रुपये प्रति लीटर और डीजल 95.25 रुपये प्रति लीटर हो गया है।


चुनाव के बाद की आशंकाएं

चुनाव के बाद बढ़ोतरी की थी आशंका


पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की संभावना पहले से ही जताई जा रही थी। माना जा रहा था कि चुनाव समाप्त होने के बाद तेल कंपनियां दाम बढ़ा सकती हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन की खपत कम करने की अपील के बाद भी संकेत मिले थे कि जल्द ही कीमतों में बदलाव हो सकता है।


पेट्रोल-डीजल की कीमतों में वृद्धि का कारण

आखिर क्यों बढ़ाने पड़े पेट्रोल-डीजल के दाम?


पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बताया कि कच्चे तेल की कीमतों में तेज वृद्धि और अंडर रिकवरी के कारण ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को रोजाना लगभग 1,000 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है। उन्होंने कहा कि यह अंडर रिकवरी लगभग 1.98 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है।


कच्चे तेल की कीमतों में उछाल

क्रूड ऑयल 115 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंचा


हरदीप सिंह पुरी के अनुसार, पहले कच्चे तेल की कीमत 64-65 डॉलर प्रति बैरल थी, जो अब बढ़कर लगभग 115 डॉलर प्रति बैरल हो गई है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत एकमात्र ऐसा देश है जिसने 2022 के बाद से ईंधन की कीमतों में कोई वृद्धि नहीं की थी।