पेट्रोल-डीजल की कीमतों में वृद्धि की अफवाहें निराधार: सरकार का स्पष्टीकरण
सरकार ने खारिज की कीमतों में वृद्धि की अफवाहें
नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने गुरुवार को उन खबरों को नकार दिया है, जिनमें कहा गया था कि आगामी विधानसभा चुनावों के बाद देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 25 से 28 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हो सकती है।
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने इसे फेक न्यूज करार देते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट साझा किया, जिसमें कहा गया, "कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि का उल्लेख किया गया है। यह स्पष्ट किया जाता है कि सरकार के समक्ष ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।"
इस प्रकार की सूचनाएं नागरिकों में भय और चिंता फैलाने के लिए फैलाई जाती हैं और ये पूरी तरह से भ्रामक होती हैं। मंत्रालय ने यह भी बताया कि "भारत एकमात्र ऐसा देश है जहां पिछले चार वर्षों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई वृद्धि नहीं हुई है।"
पेट्रोलियम मंत्रालय ने बुधवार को एक प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि देश में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति सामान्य है और लोगों से अनुरोध किया कि वे जल्दबाजी में खरीदारी न करें और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें।
सरकार ने यह भी बताया कि घरेलू एलपीजी, पीएनजी और सीएनजी की 100 प्रतिशत आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। 23 मार्च 2026 से अब तक 20 लाख से अधिक 5 किलो वाले छोटे गैस सिलेंडर बेचे जा चुके हैं, जो विशेष रूप से प्रवासी श्रमिकों के लिए सहायक साबित हो रहे हैं।
सरकार ने इन सिलेंडरों की आपूर्ति को दोगुना कर दिया है ताकि जरूरतमंदों तक गैस आसानी से पहुंच सके। पीएनजी के विस्तार पर भी तेजी से काम चल रहा है, और मार्च 2026 से अब तक लगभग 5.10 लाख नए कनेक्शन चालू किए जा चुके हैं।
सरकार कंपनियों के साथ मिलकर लोगों को पीएनजी अपनाने के लिए प्रोत्साहित कर रही है, और कई कंपनियां नए कनेक्शन पर विशेष ऑफर भी दे रही हैं।
