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प्रतीक जैन और I-PAC पर ED की छापेमारी: क्या है मामला?

प्रतीक जैन, जो I-PAC के सह-संस्थापक हैं, ED की जांच के घेरे में हैं। कोलकाता में उनके घर और I-PAC के कार्यालय पर छापेमारी की गई है, जो कथित कोयला घोटाले से संबंधित है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस कार्रवाई को राजनीतिक प्रतिशोध बताया है। ED ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि यह कार्रवाई सबूतों के आधार पर की गई है। आगे की जांच में और तथ्य सामने आ सकते हैं।
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प्रतीक जैन और I-PAC पर ED की छापेमारी: क्या है मामला?

I-PAC के सह-संस्थापक प्रतीक जैन पर ED की कार्रवाई


भारतीय राजनीतिक परिदृश्य में प्रमुख भूमिका निभाने वाली कंसल्टेंसी कंपनी इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी (I-PAC) के सह-संस्थापक प्रतीक जैन वर्तमान में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच के दायरे में हैं। ED ने गुरुवार को कोलकाता में I-PAC के दफ्तर और प्रतीक जैन के निवास सहित कुल 10 स्थानों पर छापे मारे। यह कार्रवाई पश्चिम बंगाल से जुड़े कथित कोयला घोटाले और उससे संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग मामलों के संदर्भ में की गई।


छापेमारी के स्थान

सूत्रों के अनुसार, ED ने कोलकाता के साल्ट लेक में I-PAC के कार्यालय, लाउडन स्ट्रीट पर प्रतीक जैन के घर और अन्य स्थानों पर तलाशी ली। इस छापेमारी के दौरान केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की भी तैनाती की गई थी।


प्रतीक जैन का परिचय

प्रतीक जैन एक इंजीनियर हैं, जिन्होंने IIT बॉम्बे से मेटलर्जिकल इंजीनियरिंग में डिग्री प्राप्त की है। पढ़ाई के बाद, उन्होंने डेलॉयट में एनालिस्ट के रूप में कार्य किया। 2015 में, उन्होंने वाइनेश चंदेल और ऋषि राज सिंह के साथ मिलकर I-PAC की स्थापना की। I-PAC राजनीतिक दलों को चुनावी रणनीति, आईटी और मीडिया प्रबंधन जैसी सेवाएं प्रदान करता है। वर्तमान में, I-PAC पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के लिए काम कर रहा है, और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पुष्टि की है कि प्रतीक जैन पार्टी के IT सेल का नेतृत्व करते हैं।


ममता बनर्जी का बयान

छापेमारी के दौरान, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी स्वयं प्रतीक जैन के घर पहुंचीं। उन्होंने आरोप लगाया कि ED ने तृणमूल कांग्रेस के आंतरिक दस्तावेज और हार्ड डिस्क जब्त करने का प्रयास किया। ममता बनर्जी ने इसे केंद्र सरकार द्वारा राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई बताया और कहा कि एजेंसियों का दुरुपयोग किया जा रहा है।


ED का स्पष्टीकरण

ED ने ममता बनर्जी के आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि यह कार्रवाई पूरी तरह से सबूतों के आधार पर की गई है और इसका किसी राजनीतिक दल या चुनाव को निशाना बनाने से कोई संबंध नहीं है। ED के अनुसार, यह जांच अवैध कोयला तस्करी, नकद लेन-देन और हवाला नेटवर्क से संबंधित है।


भविष्य की संभावनाएं

जांच अभी भी जारी है। आने वाले दिनों में ED की इस कार्रवाई से जुड़े और तथ्य सामने आ सकते हैं, जिससे इस मामले की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।