प्रधानमंत्री मोदी का इजराइल दौरा: भारत-इजराइल संबंधों की नई ऊंचाई
प्रधानमंत्री मोदी का इजराइल दौरा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को इजराइल की संसद नेसेट में अपने संबोधन में भारत और इजराइल के बीच संबंधों को मजबूत और विश्वसनीय बताया। उन्होंने एक दिलचस्प संयोग का उल्लेख करते हुए कहा कि जिस दिन भारत ने इजराइल को आधिकारिक मान्यता दी, उसी दिन 17 सितंबर 1950 को उनका जन्म हुआ।
इजराइल के प्रति मोदी का आकर्षण
पीएम मोदी ने कहा कि उन्हें इजराइल लौटकर खुशी हो रही है और यह देश हमेशा से उन्हें आकर्षित करता रहा है। उन्होंने बताया कि वह पहले भी भारत के प्रधानमंत्री के रूप में इजराइल का दौरा कर चुके हैं, जो दोनों देशों के रिश्तों को नई ऊंचाई पर ले जाने वाला रहा।
आतंकवाद पर भारत का स्पष्ट रुख
अपने भाषण में, प्रधानमंत्री मोदी ने हाल के हमलों में मारे गए लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि भारत इजराइल के दुख को समझता है और इस कठिन समय में उसके साथ खड़ा है।
उन्होंने आतंकवाद को मानवता के लिए सबसे बड़ा खतरा बताते हुए कहा कि भारत लंबे समय से आतंकवाद का सामना कर रहा है। इस संदर्भ में, उन्होंने 26/11 के मुंबई हमलों का उल्लेख किया, जिसमें कई निर्दोष लोग, जिनमें इजराइली नागरिक भी शामिल थे, मारे गए थे।
जीरो टॉलरेंस की नीति
मोदी ने कहा कि भारत की आतंकवाद के प्रति नीति 'जीरो टॉलरेंस' की है और इसमें कोई दोहरा मापदंड नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि आतंकवाद समाज को अस्थिर करता है, विकास को रोकता है और लोगों के बीच विश्वास को खत्म करता है। इसलिए, इससे निपटने के लिए दुनिया को मिलकर प्रयास करना होगा।
नेतन्याहू का स्वागत
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने नेसेट में मोदी का स्वागत करते हुए उन्हें इजराइल का करीबी मित्र और भारत-इजराइल साझेदारी का मजबूत समर्थक बताया। उन्होंने कहा कि मोदी वैश्विक मंच पर एक प्रभावशाली नेता हैं और दोनों देशों के रिश्तों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
बच्चों से मुलाकात
इजराइल संसद पहुंचने पर, पीएम मोदी ने प्रधानमंत्री नेतन्याहू के साथ बच्चों के एक समूह से मुलाकात की। बच्चे भारत और इजराइल के झंडे लहरा रहे थे। मोदी ने उनसे बातचीत की और कई बच्चों ने उनके साथ तस्वीरें भी खिंचवाईं। इस दौरान, पीएम मोदी ने श्रद्धांजलि अर्पित की और हमलों में जान गंवाने वालों को याद किया।
