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प्रधानमंत्री मोदी का इजरायल दौरा: ऐतिहासिक संबोधन और नए समझौतों की उम्मीदें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इजरायल की यात्रा की, जहां उनका भव्य स्वागत हुआ। इस यात्रा के दौरान, वे इजरायली संसद को संबोधित करेंगे और कई महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर होने की संभावना है। मोदी का यह दौरा भारत-इजरायल के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करेगा। जानें इस यात्रा की खास बातें और मोदी के कार्यक्रम के बारे में।
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प्रधानमंत्री मोदी का इजरायल दौरा: ऐतिहासिक संबोधन और नए समझौतों की उम्मीदें

प्रधानमंत्री मोदी का इजरायल दौरा


नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नौ साल बाद इजरायल की यात्रा की है, जो भारत और इजरायल के बीच रणनीतिक संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। तेल अवीव में, इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने प्रोटोकॉल को तोड़ते हुए उनका भव्य स्वागत किया। यह यात्रा दोनों देशों के बीच रक्षा, तकनीक और व्यापार के रिश्तों को और प्रगाढ़ बनाने में सहायक होगी। इस यात्रा के दौरान, मोदी इजरायली संसद को संबोधित करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बनेंगे।


एयरपोर्ट पर भव्य स्वागत

प्रधानमंत्री मोदी का तेल अवीव के बेन गुरियन एयरपोर्ट पर गरिमामय स्वागत किया गया। इजरायली पीएम नेतन्याहू और उनकी पत्नी सारा ने व्यक्तिगत रूप से उनका स्वागत किया। नेतन्याहू ने मित्रता का परिचय देते हुए सभी प्रोटोकॉल तोड़ दिए और एयरपोर्ट पर मोदी को गार्ड ऑफ ऑनर दिया। यह दृश्य दोनों देशों के बीच गहरे संबंधों को दर्शाता है।




नेसेट में ऐतिहासिक संबोधन

प्रधानमंत्री मोदी आज इजरायली संसद 'नेसेट' को संबोधित करेंगे, जो कि भारत के किसी भी प्रधानमंत्री द्वारा किया गया पहला संबोधन होगा। हालांकि, स्थानीय विपक्ष ने इस संबोधन का बहिष्कार करने की धमकी दी है। संसद के स्पीकर अमीर ओहाना ने स्पष्ट किया है कि यदि सीटें खाली रहीं, तो उन्हें पूर्व सांसदों से भरा जाएगा। मोदी इस संबोधन में वैश्विक सुरक्षा और भारत-इजरायल की साझा दृष्टि पर अपने विचार साझा करेंगे।


राष्ट्रपति से मुलाकात

अपने कार्यक्रम के दौरान, पीएम मोदी येरुशलम में इजरायल के राष्ट्रपति इसाक हरजोग से भी मुलाकात करेंगे। यह दौरा कूटनीतिक, धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। शाम को, वे पीएम नेतन्याहू के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे, जिसमें क्षेत्रीय सुरक्षा और रक्षा सहयोग पर चर्चा होगी। दिन के अंत में, नेतन्याहू मोदी के सम्मान में एक विशेष डिनर का आयोजन करेंगे।


समझौतों पर हस्ताक्षर की संभावना

इस यात्रा के दौरान भारत और इजरायल के बीच कई महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर होने की संभावना है, जो रक्षा सहयोग, व्यापार और उन्नत तकनीक से संबंधित होंगे। दोनों देश अपने मौजूदा सुरक्षा समझौतों को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुसार अपडेट करने की योजना बना रहे हैं। इजरायल लंबे समय से भारत का एक प्रमुख रक्षा साझेदार रहा है।


यहूदी नरसंहार स्मारक का दौरा

प्रधानमंत्री मोदी 26 फरवरी को यहूदी नरसंहार स्मारक का दौरा करेंगे और वहां पीड़ितों को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। यह यात्रा भारत के इजरायल के प्रति गहरे सम्मान को दर्शाती है। 1992 में शुरू हुए राजनयिक संबंध अब एक मजबूत और विशाल वृक्ष का रूप ले चुके हैं, जो अरबों डॉलर के व्यापार और रक्षा साझेदारी के माध्यम से दोनों देशों को एक-दूसरे का अनिवार्य सहयोगी बनाता है।