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प्रधानमंत्री मोदी का चीन दौरा: SCO सम्मेलन में भागीदारी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सात साल बाद चीन का दौरा किया है, जहां वे 31 अगस्त को तियानजिन में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के 25वें शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। यह दौरा भारत-चीन संबंधों में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। पीएम मोदी का यह दौरा क्षेत्रीय सुरक्षा, आतंकवाद विरोधी सहयोग और व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने जैसे मुद्दों पर चर्चा के लिए है। SCO की स्थापना 2001 में हुई थी और इसमें 10 सदस्य देश शामिल हैं। इस सम्मेलन में 20 से अधिक देशों के नेता और 10 अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रमुख भाग लेंगे।
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प्रधानमंत्री मोदी का चीन दौरा: SCO सम्मेलन में भागीदारी

प्रधानमंत्री मोदी का चीन दौरा

प्रधानमंत्री मोदी का चीन दौरा: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सात वर्षों के बाद चीन पहुंचे हैं। वे 31 अगस्त को तियानजिन में आयोजित होने वाले शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के 25वें शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। 2020 में गलवान घाटी संघर्ष के बाद से भारत-चीन संबंधों में तनाव बढ़ गया था। अब, पीएम मोदी का यह दौरा दोनों देशों के बीच संबंधों में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यह यात्रा एक सितंबर तक चलेगी और इसमें क्षेत्रीय सुरक्षा, आतंकवाद विरोधी सहयोग, और व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।

पीएम मोदी की यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब भारत और चीन, 2020 के गलवान घाटी में हुए सैन्य टकराव के बाद तनाव कम करने के प्रयास कर रहे हैं। पिछले साल अक्टूबर में रूस के कजान में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान पीएम मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच हुई मुलाकात ने दोनों देशों के संबंधों में सुधार की नींव रखी थी।

शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की स्थापना 2001 में हुई थी और इसमें 10 सदस्य देश शामिल हैं, जिनमें भारत, चीन, रूस, पाकिस्तान, कजाखस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान, उज्बेकिस्तान, ईरान और बेलारूस शामिल हैं। इस वर्ष का शिखर सम्मेलन तियानजिन में 31 अगस्त से 1 सितंबर तक आयोजित किया जा रहा है, जिसे अब तक का सबसे बड़ा SCO सम्मेलन माना जा रहा है। इसमें 20 से अधिक देशों के नेता और 10 अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रमुख भाग लेंगे।