प्रधानमंत्री मोदी का लोकसभा में मिडिल ईस्ट संघर्ष पर बयान
प्रधानमंत्री का संबोधन
सोमवार को लोकसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने इसे गंभीर समस्या बताया, जो केवल इजरायल और अमेरिका तथा ईरान के बीच नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर प्रभाव डाल रही है।
पीएम मोदी ने कहा कि इस संघर्ष का नकारात्मक प्रभाव विश्व की अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है। उन्होंने इस तनाव की गंभीरता को उजागर करते हुए कहा कि इससे भारत को आर्थिक और सुरक्षा संबंधी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
खाड़ी देशों में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा
प्रधानमंत्री ने खाड़ी देशों में रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई। उन्होंने बताया कि लगभग 1 करोड़ भारतीय नागरिक खाड़ी देशों में निवास करते हैं। मोदी ने उन्हें आश्वासन दिया कि भारत सरकार उनकी सुरक्षा के लिए सक्रिय रूप से प्रयास कर रही है।
उन्होंने कहा कि खाड़ी देशों के नेताओं से बातचीत की गई है, जिन्होंने भारतीय नागरिकों की सुरक्षा का भरोसा दिलाया है। इसके अलावा, उन्होंने बताया कि पहले ही लगभग 1,000 भारतीयों को सुरक्षित घर वापस लाया गया है, जिनमें 700 मेडिकल छात्र भी शामिल हैं। पीएम मोदी ने कहा कि सरकार स्थिति पर ध्यान दे रही है और हर संभव मदद के लिए तैयार है।
