प्रधानमंत्री मोदी की अपील: संकट से निपटने के उपायों पर जोर
मोदी की अपील
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश के 140 करोड़ नागरिकों से एक महत्वपूर्ण अपील की है। उन्होंने मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध संकट के भारत पर पड़ने वाले प्रभावों के बारे में चेतावनी दी। पीएम मोदी ने कहा कि केंद्र सरकार नागरिकों को युद्ध के नकारात्मक प्रभावों से बचाने के लिए प्रयासरत है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे चुनौतियों का सामना करें और देश की सहायता के लिए सक्रिय कदम उठाएं।
हैदराबाद में बीजेपी रैली में सुझाव
हैदराबाद में एक बीजेपी रैली को संबोधित करते हुए, मोदी ने विदेशी मुद्रा की बचत के लिए पेट्रोल और डीजल के विवेकपूर्ण उपयोग, मेट्रो रेल सेवाओं का लाभ उठाने, कार पूलिंग, इलेक्ट्रिक वाहनों के अधिक उपयोग, पार्सल के लिए रेल सेवाओं का उपयोग, और वर्क फ्रॉम होम, ऑनलाइन कॉन्फ्रेंसिंग, वर्चुअल मीटिंग्स जैसे उपायों का सुझाव दिया।
संकट के प्रति चेतावनी
मोदी ने कहा कि युद्ध के कारण पेट्रोल और खाद्य पदार्थों की कीमतों में भारी वृद्धि हुई है। उन्होंने बताया कि जब आपूर्ति श्रृंखला पर दबाव पड़ता है, तो संकट से निपटने के उपायों के बावजूद समस्याएं बढ़ जाती हैं। उन्होंने कहा, 'इसलिए, वैश्विक संकट के समय, हमें देश को प्राथमिकता देते हुए संकल्प लेना होगा। कोरोना काल में हमने घर से काम करने, डिजिटल माध्यमों से बैठकें करने और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के कई तरीके अपनाए हैं। अब हमें इन तरीकों को फिर से अपनाने की आवश्यकता है।'
विदेशी मुद्रा की बचत पर जोर
संकट के चलते विदेशी मुद्रा की बचत की आवश्यकता पर जोर देते हुए, मोदी ने एक साल के लिए सोने की खरीद और विदेश यात्रा को स्थगित करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा, 'हमें हर हाल में विदेशी मुद्रा बचानी होगी।' इसके साथ ही, उन्होंने खाद्य तेल की खपत कम करने, रासायनिक उर्वरकों का उपयोग घटाने, प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने और स्वदेशी उत्पादों को अपनाने का भी आह्वान किया।
