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प्रधानमंत्री मोदी की इटली यात्रा: भारत-इटली संबंधों में नई ऊर्जा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इटली यात्रा ने भारत-इटली संबंधों में नई ऊर्जा भर दी है। जॉर्जिया मेलोनी के साथ द्विपक्षीय वार्ता में दोनों नेताओं ने सहयोग को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की। मोदी ने विशेष रणनीतिक साझेदारी की घोषणा की और इटली को भारत आने का निमंत्रण दिया। इस यात्रा के दौरान व्यापारिक संबंधों को 20 अरब यूरो तक पहुंचाने का लक्ष्य भी रखा गया है। जानें इस यात्रा के प्रमुख पहलुओं के बारे में।
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प्रधानमंत्री मोदी की इटली यात्रा: भारत-इटली संबंधों में नई ऊर्जा

इटली में प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा का समापन

रोम। इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के साथ द्विपक्षीय वार्ता के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पांच देशों की यात्रा का समापन होगा। मंगलवार की शाम को इटली पहुंचने के बाद, मोदी ने बुधवार को मेलोनी के साथ बातचीत की और दोनों नेताओं ने साझा प्रेस ब्रीफिंग की। मोदी ने मेलोनी की सराहना करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में भारत और इटली के बीच सहयोग और सामंजस्य में वृद्धि हुई है।


मोदी ने कहा, 'मुझे खुशी है कि हम अपने संबंधों को अपग्रेड करते हुए विशेष रणनीतिक साझेदारी की घोषणा कर रहे हैं। आज की बैठक में हमने भविष्य की साझेदारी को मजबूत करने के लिए विस्तृत चर्चा की।' उन्होंने बताया कि 'भारत-इटली ज्वाइंट स्ट्रेटेजिक एक्शन प्लान 2025-2029' हमारी साझेदारी को एक व्यावहारिक और भविष्य के अनुकूल ढांचा प्रदान करता है।


प्रधानमंत्री मोदी ने मेलोनी को भारत आने का निमंत्रण भी दिया। उन्होंने कहा कि रोम को 'इटरनल सिटी' कहा जाता है, जबकि भारत में उनकी लोकसभा सीट काशी को भी इसी तरह जाना जाता है। मोदी ने कहा, 'जब दो सभ्यताएं मिलती हैं, तो बातचीत केवल एजेंडे तक सीमित नहीं रहती, बल्कि इसमें इतिहास की गहराई, भविष्य की झलक और दोस्ती की सादगी भी होती है।'


साझा प्रेस ब्रीफिंग में, मेलोनी ने कहा कि इटली और भारत अब पहले से कहीं अधिक करीब हैं। उन्होंने कहा, 'हमारे रिश्ते अब अपनी पूरी क्षमता दिखाने की स्थिति में हैं। पिछले साढ़े तीन वर्षों में मेरी पीएम मोदी के साथ सात मुलाकातें हुई हैं, जिनमें हमने एक-दूसरे के दृष्टिकोण को गहराई से समझा है।'


मोदी ने कहा, 'इटली विश्व में डिजाइन और सटीकता के लिए जाना जाता है, जबकि भारत स्केल, टैलेंट और किफायती नवाचार का केंद्र है। इसलिए हम 'डिजाइन एंड डेवलप इन इंडिया एंड इटली एंड डिलीवर फॉर वर्ल्ड' सिद्धांत पर आगे बढ़ेंगे।'


यह ध्यान देने योग्य है कि भारत और इटली के बीच व्यापार लगातार बढ़ रहा है, और इसे 20 अरब यूरो तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। मोदी ने कहा कि भारत में चार सौ से अधिक इतालवी कंपनियां कार्यरत हैं। उन्होंने कहा कि तकनीक और नवाचार भारत-इटली साझेदारी की सबसे बड़ी ताकत हैं। दोनों देश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम टेक्नोलॉजी, सिविल न्यूक्लियर एनर्जी और स्पेस जैसे क्षेत्रों में सहयोग करेंगे। इसके लिए भारत-इटली इनोवेशन सेंटर पर भी काम चल रहा है, जो स्टार्टअप, रिसर्च सेंटर और कारोबार को जोड़ने में मदद करेगा।