प्रधानमंत्री मोदी की जापान यात्रा: भारत-जापान संबंधों की नई दिशा

प्रधानमंत्री मोदी की जापान यात्रा
PM Modi Japan visit 2025 : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्तमान में जापान की दो दिवसीय यात्रा पर हैं। यह यात्रा केवल औपचारिकता नहीं है, बल्कि भारत और जापान के बीच गहरे और मजबूत संबंधों का प्रतीक है। दोनों देश लोकतंत्र, तकनीक और अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में एक-दूसरे के विश्वसनीय साझेदार हैं। टोक्यो में आयोजित होने वाला 15वां वार्षिक भारत-जापान शिखर सम्मेलन इस मित्रता को और भी मजबूत करेगा। इस सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी और जापान के प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करेंगे, जिनमें QUAD, बुलेट ट्रेन, व्यापार और तकनीक शामिल हैं।
QUAD, हिंद-प्रशांत क्षेत्र की स्थिरता और सुरक्षा
भारत और जापान के साथ अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया भी QUAD गठबंधन के सदस्य हैं। इस समूह का मुख्य उद्देश्य हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखना है। QUAD स्वास्थ्य सेवाओं, सप्लाई चेन और नई तकनीकों के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग भी अब और गहरा हुआ है। हाल ही में रक्षा मंत्रियों की बैठक में तकनीक साझा करने और नौसेना सहयोग पर चर्चा की गई। भारतीय नौसेना और जापानी मरीन सेल्फ-डिफेंस फोर्स के बीच जहाजों की मरम्मत और तकनीकी सहयोग के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।
बुलेट ट्रेन, तेज और आधुनिक यात्रा
मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल प्रोजेक्ट पर तेजी से काम चल रहा है। जापान इस परियोजना में लगभग ₹88,000 करोड़ का निवेश कर रहा है। इसमें नई E10 बुलेट ट्रेनें शामिल होंगी, जो 320 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से चलेंगी। भविष्य में ये ट्रेनें ड्राइवरलेस (स्वचालित) भी हो सकती हैं। यह परियोजना भारत की यात्रा और परिवहन व्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव लाएगी।
व्यापार और निवेश, जापान का बड़ा योगदान
जापान ने घोषणा की है कि वह अगले दस वर्षों में भारत में 68 अरब अमेरिकी डॉलर का निवेश करेगा। यह निवेश मोबिलिटी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), सेमीकंडक्टर और स्वास्थ्य सेवाओं जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में किया जाएगा। इससे भारत में न केवल कारोबार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि नए रोजगार भी सृजित होंगे। जापान का यह निवेश भारत की अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा प्रदान करेगा।
तकनीक और स्टार्टअप्स, भविष्य की साझेदारी
भारत और जापान मिलकर सेमीकंडक्टर और AI के क्षेत्र में गहन सहयोग कर रहे हैं। दोनों देशों के स्टार्टअप्स के बीच साझेदारी बढ़ रही है। जापान भारतीय युवाओं को तकनीकी क्षेत्र में अधिक अवसर देने के लिए प्रतिबद्ध है, विशेषकर चिप मैन्युफैक्चरिंग और नवाचार के क्षेत्र में। यह सहयोग भारत के तकनीकी विकास में सहायक होगा।
भारत-जापान दोस्ती की नई ऊंचाइयाँ
प्रधानमंत्री मोदी की यह जापान यात्रा भारत और जापान के बीच रणनीतिक, आर्थिक और तकनीकी सहयोग को एक नई दिशा प्रदान करेगी। रक्षा, बुलेट ट्रेन, निवेश, QUAD और तकनीकी क्षेत्र में दोनों देश मिलकर काम कर रहे हैं। यह दोस्ती “जय-वीरू” की तरह मजबूत और अनमोल है, जो भविष्य में और भी गहरी होगी। भारत और जापान की यह साझेदारी क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर शांति और विकास का उदाहरण बनेगी।