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प्रधानमंत्री मोदी की जापान यात्रा: सेमीकंडक्टर सहयोग और निवेश की नई संभावनाएं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में जापान की यात्रा की, जिसमें उन्होंने सेमीकंडक्टर सहयोग और 10 ट्रिलियन येन के निवेश की घोषणा की। इस यात्रा के दौरान, उन्होंने जापानी गवर्नरों के साथ बैठक की और जापानी प्रधानमंत्री के साथ औपचारिक भोज में भाग लिया। जानें इस यात्रा के प्रमुख बिंदु और भारत-जापान संबंधों में नई संभावनाएं।
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प्रधानमंत्री मोदी की जापान यात्रा: सेमीकंडक्टर सहयोग और निवेश की नई संभावनाएं

प्रधानमंत्री मोदी की सफल जापान यात्रा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को जापान की अपनी दो दिवसीय यात्रा का समापन किया, जिसे उन्होंने अत्यधिक सफल बताया। उन्होंने अपने जापानी समकक्ष शिगेरू इशिबा को गर्मजोशी और सहयोग के लिए धन्यवाद दिया। पीएम मोदी ने 'एक्स' पर एक वीडियो साझा करते हुए कहा कि इस यात्रा के परिणाम दोनों देशों के नागरिकों के लिए फायदेमंद होंगे और भारत-जापान संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे।


सेमीकंडक्टर सहयोग पर ध्यान

यात्रा के दूसरे दिन, पीएम मोदी और इशिबा ने टोक्यो से लगभग 300 किलोमीटर दूर सेंडाई में टोक्यो इलेक्ट्रॉन मियागी लिमिटेड (TEL) की सेमीकंडक्टर फैक्ट्री का दौरा किया। दोनों नेता वहां बुलेट ट्रेन से पहुंचे, जहां स्थानीय लोगों ने मोदी का गर्मजोशी से स्वागत किया। विदेश मंत्रालय ने बताया कि यह दौरा दोनों देशों की साझा दृष्टि को मजबूत करता है, जिसका उद्देश्य विश्वसनीय और लचीली सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखला बनाना है। TEL मियागी भविष्य में भारत के साथ सहयोग बढ़ाने की योजना बना रही है।


जापानी गवर्नरों के साथ बैठक

सेंडाई यात्रा से पहले, पीएम मोदी ने टोक्यो में 16 जापानी प्रांतों के गवर्नरों के साथ बैठक की। उन्होंने दोनों देशों के बीच विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी को मजबूत करने पर जोर दिया। पीएम मोदी ने भारतीय राज्यों और जापानी प्रांतों के बीच सहयोग बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि विनिर्माण, स्टार्टअप, इनोवेशन, गतिशीलता, बुनियादी ढांचा और छोटे व्यवसाय ऐसे क्षेत्र हैं जिनमें साझेदारी से बड़े अवसर खुल सकते हैं।


जापानी प्रधानमंत्री के साथ लंच

जापानी प्रधानमंत्री शिगेरू इशिबा ने पीएम मोदी के सम्मान में एक औपचारिक दोपहर भोज का आयोजन किया। इस दौरान दोनों नेताओं ने आपसी संबंधों को और गहरा करने और भविष्य के सहयोग की रूपरेखा पर चर्चा की।


जापान का बड़ा निवेश लक्ष्य

यात्रा के पहले दिन, जापान ने घोषणा की कि वह अगले दस वर्षों में भारत में 10 ट्रिलियन येन (लगभग 60,000 करोड़ रुपये) का निवेश करेगा। यह भारत-जापान आर्थिक साझेदारी में अब तक का सबसे बड़ा निवेश लक्ष्य है। दोनों पक्षों के बीच कई समझौते भी हुए, जिनमें रक्षा सहयोग की रूपरेखा और आर्थिक साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए 10 वर्षीय रोडमैप शामिल है।


रणनीतिक क्षेत्रों में सहयोग

समझौतों में अर्धचालक, स्वच्छ ऊर्जा, फार्मास्यूटिकल्स, दूरसंचार, महत्वपूर्ण खनिज और उभरती प्रौद्योगिकियों जैसे रणनीतिक क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया गया। इसके साथ ही आपूर्ति श्रृंखला की मजबूती और आर्थिक सुरक्षा संरचना विकसित करने पर सहमति बनी। दस वर्षीय रोडमैप में आर्थिक सुरक्षा, तकनीकी नवाचार, पारिस्थितिक स्थिरता, स्वास्थ्य क्षेत्र, लोगों के बीच आदान-प्रदान और भारतीय राज्यों व जापानी प्रांतों के बीच साझेदारी को बढ़ावा देने जैसे कई स्तंभ शामिल हैं।