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प्रधानमंत्री मोदी की मुख्यमंत्रियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक, मिडिल ईस्ट संकट पर चर्चा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 27 मार्च को सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित करेंगे, जिसमें मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव और ईंधन की स्थिति पर चर्चा की जाएगी। प्रधानमंत्री ने ईरान से जुड़े संकट को गंभीर बताते हुए इसे भविष्य में आने वाली 'कोरोना जैसी चुनौती' कहा है। सरकार ने ईंधन की कमी की अफवाहों का खंडन किया है और सोशल मीडिया पर भ्रामक जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है।
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प्रधानमंत्री मोदी की मुख्यमंत्रियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक, मिडिल ईस्ट संकट पर चर्चा

मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक का आयोजन

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 27 मार्च को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक करेंगे। इस बैठक में मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव, विशेषकर ईरान से संबंधित हालात और उनके भारत पर संभावित प्रभावों पर चर्चा होने की संभावना है। चुनावी राज्यों को इस बैठक से बाहर रखा गया है।


कोरोना जैसी चुनौती का संकेत

‘कोरोना जैसी चुनौती’ की चेतावनी
प्रधानमंत्री ने 24 मार्च को राज्यसभा में कहा था कि यदि ईरान से जुड़ा संकट लंबे समय तक जारी रहता है, तो इसके गंभीर वैश्विक और घरेलू प्रभाव देखने को मिल सकते हैं। उन्होंने इसे भविष्य में आने वाली ‘कोरोना काल जैसी बड़ी परीक्षा’ बताया और केंद्र तथा राज्यों के बीच समन्वय की आवश्यकता पर जोर दिया।


ईंधन की कमी की अफवाहों का खंडन

ईंधन की कमी की खबरों पर सरकार का खंडन
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने देश में पेट्रोल, डीजल और LPG की कमी की खबरों को पूरी तरह से गलत बताया है। मंत्रालय के अनुसार, भारत के पास लगभग 60 दिनों का पर्याप्त कच्चा तेल और ईंधन भंडार है, जिससे किसी भी प्रकार की आपूर्ति बाधित नहीं होगी।


सोशल मीडिया पर अफवाहों पर सख्ती

अफवाह फैलाने वालों पर सख्ती
सरकार ने सोशल मीडिया पर चल रही कमी की खबरों को ‘भ्रामक’ और ‘प्रोपेगैंडा’ करार दिया है। मंत्रालय ने कहा कि ऐसी अफवाहों का उद्देश्य बाजार में घबराहट फैलाना और पैनिक बाइंग को बढ़ावा देना है। साथ ही, झूठी खबरें फैलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।


जयशंकर का पाकिस्तान पर बयान

जयशंकर का पाकिस्तान पर तीखा बयान
इस बीच, एस. जयशंकर ने संसद में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान स्पष्ट किया कि भारत किसी भी अंतरराष्ट्रीय विवाद में मध्यस्थ की भूमिका नहीं निभाता। उन्होंने कहा कि भारत “पाकिस्तान जैसा दलाल देश नहीं है”। यह बयान कांग्रेस नेता तारिक अनवर की उस टिप्पणी के जवाब में आया, जिसमें उन्होंने पाकिस्तान की भूमिका का जिक्र किया था।


सरकार की सतर्कता

कुल मिलाकर, मौजूदा वैश्विक हालात को देखते हुए केंद्र सरकार सतर्क है और राज्यों के साथ मिलकर हर संभावित चुनौती का सामना करने की रणनीति तैयार कर रही है।