प्रधानमंत्री मोदी की मुख्यमंत्रियों के साथ वर्चुअल बैठक: पश्चिम एशिया के हालात पर चर्चा
मुख्यमंत्रियों के साथ वर्चुअल कॉन्फ्रेंस
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार, 27 मार्च को सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ एक वर्चुअल बैठक करेंगे। इस बैठक में राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल होंगे। प्रधानमंत्री का उद्देश्य पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के हालात पर चर्चा करना है। इससे पहले, उन्होंने सुरक्षा मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति की बैठक की थी और संसद में भी इस विषय पर बयान दिया था। बुधवार को इस मुद्दे पर एक सर्वदलीय बैठक भी आयोजित की गई थी।
बैठक का समय और चुनावी राज्यों की स्थिति
शुक्रवार की शाम साढ़े छह बजे यह वर्चुअल मीटिंग होगी। हालांकि, जिन चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में विधानसभा चुनाव चल रहे हैं, उनके मुख्यमंत्री इस बैठक में शामिल नहीं होंगे। ऐसा आचार संहिता के कारण किया गया है। ईरान पर अमेरिका और इजराइल के हमलों के एक महीने पूरे होने के साथ, जंग के कारण स्थिति और बिगड़ रही है। प्रधानमंत्री इस विषय पर राज्यों से संवाद करेंगे।
पेट्रोलियम उत्पादों पर चर्चा
प्रधानमंत्री मोदी ने 24 मार्च को राज्यसभा में कहा था कि यदि ईरान में युद्ध जारी रहा, तो इसके गंभीर परिणाम होंगे। उन्होंने केंद्र और राज्यों के बीच सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया। बैठक में पेट्रोलियम उत्पादों की कालाबाजारी और जमाखोरी रोकने के उपायों पर चर्चा होने की संभावना है। इसके अलावा, पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति श्रृंखला बनाए रखने पर भी बात होगी।
पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों पर चर्चा
सूत्रों के अनुसार, पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों पर भी चर्चा की जा सकती है। ध्यान रहे कि पेट्रोलियम उत्पादों को जीएसटी में शामिल नहीं किया गया है, और केंद्र तथा राज्य सरकारें इन पर अलग-अलग टैक्स वसूलती हैं। इस संदर्भ में, क्या टैक्स कम करने का मुद्दा उठाया जाएगा, यह देखना होगा। कच्चे तेल और गैस की आपूर्ति में बाधा आने से कीमतें बढ़ रही हैं, लेकिन अभी तक भारत में पेट्रोलियम कंपनियों ने इसका बोझ जनता पर नहीं डाला है।
केंद्र सरकार का बयान
इस बीच, केंद्र सरकार ने गुरुवार को देश में पेट्रोल, डीजल और गैस की कमी की खबरों को खारिज किया। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने कहा कि भारत के पास 60 दिन का पेट्रोल और डीजल उपलब्ध है। मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर चल रही किल्लत की खबरों को प्रोपेगैंडा बताया है, जिसका उद्देश्य बाजार में 'पैनिक बाइंग' को बढ़ावा देना है। मंत्रालय ने चेतावनी दी है कि कमी की अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
