प्रधानमंत्री मोदी के इटली दौरे से मेलोडी टॉफी की मांग में उछाल
मेलोडी टॉफी की बढ़ती मांग
इटली यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी को 'मेलोडी' टॉफी भेंट की, जिसके बाद इस टॉफी की बिक्री में अचानक वृद्धि देखने को मिली है। Blinkit, Zepto और Instamart जैसे प्लेटफार्मों पर मेलोडी टॉफी कई स्थानों पर आउट ऑफ स्टॉक हो गई है।
सोशल मीडिया पर कभी-कभी छोटी घटनाएं भी बड़े ट्रेंड का रूप ले लेती हैं। इस बार चर्चा का केंद्र बनी है भारत की पुरानी और प्रिय मेलोडी टॉफी। रोम में प्रधानमंत्री मोदी ने मेलोनी को मेलोडी टॉफी का पैकेट भेंट किया, जिसे मेलोनी ने अपने सोशल मीडिया पर साझा किया। यह वीडियो तेजी से वायरल हो गया, जिसके परिणामस्वरूप देशभर में लोगों ने मेलोडी खरीदने की होड़ मचाई।
रोम में हुआ ट्रेंड का आरंभ
रोम से शुरू हुआ ट्रेंड
जब प्रधानमंत्री मोदी ने मेलोनी को मेलोडी टॉफी दी, तो माहौल दोस्ताना था। मेलोनी ने वीडियो साझा करते हुए 'Thank you for the gift' लिखा। सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं ने इस वीडियो को 'Melodi' नाम से जोड़ दिया, जो पहले भी मोदी और मेलोनी की दोस्ताना तस्वीरों के साथ ट्रेंड करता रहा है। कुछ ही घंटों में यह वीडियो लाखों लोगों तक पहुंच गया, जिससे लोगों ने मजेदार मीम्स और पोस्ट साझा करना शुरू कर दिया। इस बीच, मेलोडी टॉफी के प्रति लोगों की रुचि फिर से जागृत हो गई।
ऑनलाइन प्लेटफार्मों पर स्टॉक की कमी
ऑनलाइन ऐप्स पर खत्म हुआ स्टॉक
वीडियो वायरल होने के कुछ समय बाद, Blinkit, Zepto और Instamart जैसे ऐप्स पर मेलोडी टॉफी का स्टॉक समाप्त हो गया। दिल्ली-एनसीआर सहित कई शहरों में लोग इसे ऑनलाइन नहीं खरीद पा रहे थे। ब्लिंकिट ने अपने इंस्टाग्राम पर बताया कि मेलोडी की खोज में अचानक वृद्धि हुई है। उपयोगकर्ताओं ने स्क्रीनशॉट साझा किए, जिसमें दिखाया गया कि वे टॉफी खरीदने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन स्टॉक खत्म हो चुका था। यह स्पष्ट है कि एक वायरल वीडियो कैसे किसी पुराने उत्पाद की मांग को बढ़ा सकता है।
पुरानी टॉफी की नई चर्चा
पुरानी टॉफी की नई चर्चा
मेलोडी कोई नई कैंडी नहीं है, बल्कि यह वर्षों से भारतीय बच्चों और परिवारों के बीच लोकप्रिय रही है। 'मेलोडी इतनी चॉकलेटी क्यों है' वाला विज्ञापन आज भी लोगों की यादों में ताजा है, लेकिन अब यह टॉफी फिर से चर्चा में आ गई है। खास बात यह है कि इसके लिए किसी बड़े विज्ञापन अभियान की आवश्यकता नहीं पड़ी। केवल एक छोटे से डिप्लोमैटिक पल ने इसे फिर से सोशल मीडिया का सितारा बना दिया। कई उपयोगकर्ताओं ने लिखा कि उन्होंने वर्षों बाद मेलोडी खरीदने की कोशिश की।
सोशल मीडिया की नई ताकत
सोशल मीडिया की नई ताकत
यह घटना दर्शाती है कि आज का सोशल मीडिया किसी भी चीज को मिनटों में ट्रेंड बना सकता है। पहले जो टॉफी केवल किराने की दुकानों तक सीमित थी, वह अब अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक मुलाकात के कारण चर्चा का विषय बन गई है।
