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प्रधानमंत्री मोदी ने गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया, यात्रा में होगी तेजी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया, जो मेरठ को प्रयागराज से जोड़ता है। यह 594 किलोमीटर लंबा प्रोजेक्ट यात्रा के समय को आधा कर देगा और उत्तर प्रदेश के 12 जिलों के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। टोल दरें 'पे-पर-यूज़' मॉडल पर आधारित होंगी, जिससे यात्रियों को दूरी के अनुसार भुगतान करना होगा। जानें इस एक्सप्रेसवे के माध्यम से व्यापारिक गतिविधियों में कैसे तेजी आएगी।
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प्रधानमंत्री मोदी ने गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया, यात्रा में होगी तेजी

गंगा एक्सप्रेसवे का महत्व

मेरठ, 29 अप्रैल। उत्तर प्रदेश में कनेक्टिविटी को नई दिशा देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया है। यह एक्सप्रेसवे लगभग 594 किलोमीटर लंबा है और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ को संगम नगरी प्रयागराज से सीधे जोड़ता है। इसके चालू होने से यात्रा का समय आधा हो जाएगा और उत्तर प्रदेश के आर्थिक विकास को भी नई गति मिलेगी। यह एक्सप्रेसवे मेरठ से शुरू होकर हापुड़, बुलंदशहर, बदायूं और रायबरेली सहित कुल 12 जिलों से होकर गुजरेगा।


टोल की नई व्यवस्था

टोल का गणित: जितनी दूरी, उतना भुगतान


इस एक्सप्रेसवे पर यात्रा अब मुफ्त नहीं होगी। प्रशासन ने 'पे-पर-यूज़' (Pay-per-use) मॉडल के तहत टोल दरें निर्धारित की हैं। इसका मतलब है कि आप जितनी दूरी तय करेंगे, उतना ही टोल चुकाना होगा। हालांकि आधिकारिक दरों की घोषणा अभी बाकी है, लेकिन प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हल्के वाहनों के लिए टोल दर 2.55 रुपये प्रति किलोमीटर तय की गई है। यदि आप मेरठ से प्रयागराज तक का पूरा सफर करते हैं, तो आपको लगभग 1,500 रुपये से अधिक का टोल देना पड़ सकता है।


दोपहिया और वाणिज्यिक वाहनों के लिए अलग दरें

बाइक और कमर्शियल वाहनों के लिए अलग दरें


दोपहिया वाहनों, थ्री-व्हीलर और ट्रैक्टरों के लिए टोल दर लगभग 1.28 रुपये प्रति किलोमीटर निर्धारित की गई है। भारी और वाणिज्यिक वाहनों के लिए टोल दरें अधिक होंगी। छोटे वाणिज्यिक वाहनों और मिनी बसों के लिए यह दर 4.05 रुपये प्रति किलोमीटर है, जबकि बड़े बसों और ट्रकों के लिए यह 8.15 रुपये प्रति किलोमीटर तक जा सकती है। एक्सप्रेसवे पर कई आधुनिक इंटरचेंज और टोल प्लाजा बनाए गए हैं ताकि वाहनों का आवागमन सुगम हो सके।


आर्थिक विकास की नई राह

12 जिलों की बदलेगी तस्वीर, व्यापार को मिलेगी रफ्तार


गंगा एक्सप्रेसवे केवल एक सड़क नहीं है, बल्कि यह यूपी के 12 जिलों की आर्थिक लाइफलाइन बनने जा रहा है। मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज के बीच व्यापारिक गतिविधियां तेज होंगी। बेहतर कनेक्टिविटी से स्थानीय उत्पादों को बड़े बाजार मिलेंगे और लॉजिस्टिक की लागत कम होगी। टोल से होने वाली आय का उपयोग एक्सप्रेसवे के रखरखाव और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में किया जाएगा।