प्रधानमंत्री मोदी ने सिक्किम के 50वें स्थापना दिवस पर विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया
सिक्किम के स्थापना दिवस पर प्रधानमंत्री का संबोधन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को सिक्किम के 50वें राज्य स्थापना दिवस समारोह में भाग लिया और लगभग 4,000 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर भारत देश की “अष्टलक्ष्मी” है और सिक्किम उसका एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
इस मौके पर, प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर तीन लगातार पोस्ट साझा किए। पहले पोस्ट में उन्होंने गंगटोक में मिले उत्साह और स्नेह को नई ऊर्जा का स्रोत बताया। उन्होंने सिक्किमवासियों को राज्य स्थापना के 50 वर्ष पूरे होने पर बधाई दी और कहा कि भारत को राष्ट्रीय विकास में सिक्किम के योगदान पर गर्व है। उन्होंने यह भी कहा कि सिक्किम के लोगों ने कई क्षेत्रों में अपनी अलग पहचान बनाई है और उनकी कार्यशैली की देशभर में सराहना होती है।
इसके बाद, प्रधानमंत्री ने कार्यक्रम की कुछ तस्वीरें साझा करते हुए लिखा कि ये सिक्किम के 50वें राज्य स्थापना दिवस समारोह की कुछ खास झलकियां हैं।
तीसरी पोस्ट में, उन्होंने गंगटोक स्थित ऑर्किडेरियम के दौरे का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वहां की सुंदरता ने उन्हें मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने सिक्किम की समृद्ध जैव विविधता की प्रशंसा की और कहा कि यह प्रकृति के साथ हमारे गहरे सामंजस्य को दर्शाती है।
वहीं, पालजोर स्टेडियम में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने पिछले वर्षों में पूर्वोत्तर राज्यों के विकास को विशेष प्राथमिकता दी है। उन्होंने कहा कि सरकार अब केवल “एक्ट ईस्ट” नीति तक सीमित नहीं है, बल्कि “एक्ट फास्ट” दृष्टिकोण के साथ तेजी से विकास कार्य कर रही है।
इस दौरान, प्रधानमंत्री ने कहा कि पर्यटन की अपार संभावनाओं का पूरा लाभ तभी मिल सकता है, जब क्षेत्र में मजबूत कनेक्टिविटी विकसित की जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि केंद्र सरकार पूर्वोत्तर क्षेत्र में सड़क, रेल और हवाई संपर्क को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।
उन्होंने बताया कि सेवोक-रंगपो रेल लाइन परियोजना पर तेजी से काम चल रहा है और इसके पूरा होने के बाद सिक्किम को इतिहास में पहली बार रेल संपर्क मिलेगा।
प्रधानमंत्री ने बागडोगरा को गंगटोक से जोड़ने वाले प्रस्तावित एक्सप्रेसवे का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के पूरा होने से यात्रा समय में बड़ी कमी आएगी और पर्यटन को भी नया बढ़ावा मिलेगा।
