प्रयागराज माघ मेले में शंकराचार्य के शिष्यों के साथ विवाद
प्रयागराज माघ मेला: विवाद और मारपीट की घटना
प्रयागराज माघ मेला: मौनी अमावस्या के अवसर पर प्रयागराज में माघ मेले में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ संगम तट पर स्नान करने के लिए पहुंची। इस दौरान, शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के शिष्यों के साथ एक विवाद उत्पन्न हुआ। यूपी सरकार के गृह सचिव मोहित गुप्ता और पुलिस पर आरोप है कि उन्होंने शिष्यों के साथ धक्का-मुक्की की और मारपीट की। इस घटना के बाद, शंकराचार्य ने स्नान करने से मना कर दिया।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मौनी अमावस्या पर शंकराचार्य ने अपनी पालकी को रास्ते में ही वापस कर दिया। जब वे संगम तट की ओर बढ़ रहे थे, तब उनके शिष्यों और गृह सचिव के बीच बहस हुई, जिससे स्थिति बिगड़ गई। इस दौरान एक वीडियो भी सामने आया है जिसमें धक्का-मुक्की और मारपीट की घटना दिखाई दे रही है। संत ने कहा कि उन्हें पवित्र स्नान करने से रोका गया है। उन्होंने कहा, "मेरे शिष्यों के साथ मारपीट हो रही है। अधिकारी मुझे स्नान करने से रोक रहे हैं, इसलिए मैं स्नान नहीं करूंगा।"
प्रयागराज माघ मेले मौनी अमावस्या पर संगम नोज पर ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को प्रशासन ने रोका। प्रशासन ने शंकराचार्य को रथ से उतरकर पैदल के लिए कहा, इस दौरान धक्का मुक्की और हाथापाई हो गई, सीनियर अधिकारी मौके पर स्थिति नियंत्रण कर रहे हैं। pic.twitter.com/4nkiRFU7og
— Manu chaudhary (@ManuCha91473342) January 18, 2026
पुलिस का कहना है कि शंकराचार्य के शिष्य एक साथ संगम नोज पर जा रहे थे, जबकि उन्हें टुकड़ों में जाने के लिए कहा गया था। भीड़ के कारण व्यवस्था बिगड़ने का खतरा था। प्रशासन के मना करने के बावजूद, शिष्यों ने एक साथ स्नान के लिए जाने की कोशिश की, जिसके बाद उन्हें रोका गया और स्थिति बिगड़ गई।
