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प्रयागराज में माघ मेला: श्रद्धालुओं की भारी भीड़ का स्वागत

प्रयागराज में माघ मेला का आगाज हो चुका है, जिसमें लाखों श्रद्धालुओं ने पवित्र स्नान किया। 44 दिनों तक चलने वाले इस मेले में 15 करोड़ लोगों के आने की उम्मीद है। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं, जिसमें 10,000 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात हैं। कल्पवास का व्रत पौष पूर्णिमा से शुरू होगा। जानें इस ऐतिहासिक मेले की विशेषताएँ और परिवहन व्यवस्था के बारे में।
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प्रयागराज में माघ मेला: श्रद्धालुओं की भारी भीड़ का स्वागत

प्रयागराज में माघ मेले का शुभारंभ


लाखों श्रद्धालुओं ने माघ मेले में आस्था की डुबकी लगाई, 44 दिन तक चलने वाले इस मेले में 15 करोड़ लोगों के आने की उम्मीद


प्रयागराज में नए साल की शुरुआत के साथ ही माघ मेला शुरू हो गया है। संगम तट पर गंगा में पवित्र स्नान के साथ इस ऐतिहासिक मेले का आगाज हुआ है। यह मेला 44 दिनों तक चलेगा, जिसमें 12 से 15 करोड़ श्रद्धालुओं और पर्यटकों के आने की संभावना है। 3 जनवरी से 1 फरवरी तक लगभग 20 लाख कल्पवासी भी यहां रहेंगे। पहले स्नान पर्व पौष पूर्णिमा पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु संगम तट पर एकत्रित हुए हैं।


सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

माघ मेले को सात सेक्टरों में बांटा गया है। महाकुंभ के मॉडल पर आधारित टेंट सिटी का विकास किया गया है। मेले का क्षेत्र लगभग 800 हेक्टेयर में फैला हुआ है, जिसमें 126 किलोमीटर लंबे चेकर्ड प्लेट मार्ग बनाए गए हैं। संगम के जल में रंगीन फव्वारे और घाटों पर कलर-कोडेड चेंजिंग रूम रात के समय अद्भुत दृश्य प्रस्तुत कर रहे हैं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए 10,000 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है, और एंटी टेररिस्ट स्क्वायड (एटीएस) की टीम भी सुरक्षा में जुटी है।


कल्पवास का आरंभ

पौष पूर्णिमा से कल्पवासियों का व्रत शुरू होगा। आचार्य चौक, दंडीवाड़ा, खाक चौक और प्रमुख आध्यात्मिक संस्थाओं के शिविर पूरी तरह तैयार हैं। पहले पुण्य स्नान के साथ संगम तट पर आस्था, परंपरा और संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा। माघ मेला सदियों पुरानी सनातन परंपरा का जीवंत प्रतीक है।


परिवहन व्यवस्था की चुनौतियाँ

मेला क्षेत्र से शहर तक विभिन्न रंगों के संकेतक बोर्ड और हेल्प डेस्क लगाए गए हैं। परिवहन व्यवस्था के तहत 3,800 रोडवेज बसों का संचालन किया जाएगा, साथ ही 75 ई-बसें और 500 से अधिक ई-रिक्शा भी तैनात किए गए हैं। अग्नि सुरक्षा के लिए 17 फायर स्टेशन बनाए गए हैं, और सफाई के लिए 3,300 सफाईकर्मी नियुक्त किए गए हैं। हालांकि, मेले का शुभारंभ हो चुका है, लेकिन आने वाले दिनों में भीड़ बढ़ने के साथ व्यवस्थाओं को बनाए रखना प्रशासन के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है।