प्रयागराज में सामूहिक हत्या: कारोबारी परिवार की हत्या के पीछे संपत्ति विवाद का शक
प्रयागराज में दिल दहला देने वाली घटना
प्रयागराज: संगम नगरी के साउथ मलाका क्षेत्र से एक चौंकाने वाली खबर आई है। यहां एक ही परिवार के चार सदस्यों, जिसमें एक कारोबारी, उनकी पत्नी, बेटा और बेटी शामिल हैं, की बेरहमी से हत्या कर दी गई। मंगलवार को जब घर से दुर्गंध आने लगी, तो पड़ोसियों ने पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने दरवाजा तोड़कर अंदर का दृश्य देखा तो सभी दंग रह गए।
हत्या की सुनियोजित योजना
रजाई में छिपाई लाशें, खून साफ करने के लिए फर्श पर डाला तेल
जांच में यह बात सामने आई है कि हत्यारों ने इस सामूहिक हत्या को बहुत ही सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया। प्रारंभिक जांच से पता चला है कि यह घटना रविवार को हुई थी। हत्या के बाद आरोपियों ने सबूत मिटाने की पूरी कोशिश की।
शवों को छुपाने की कोशिश
शवों को छुपाया: चारों शवों को रजाई और कंबलों से ढक दिया गया ताकि बदबू बाहर न आए।
फर्श को धोया: कमरों में फैले खून को वाशिंग पाउडर से साफ किया गया और निशानों को मिटाने के लिए फर्श पर तेल डाल दिया गया।
बाहर से लगाया ताला: जाते-जाते हत्यारे घर के बाहर ताला लगा गए, ताकि पड़ोसियों को लगे कि परिवार कहीं बाहर गया है। इसी कारण से दो दिन तक किसी को भनक नहीं लगी।
संपत्ति विवाद का शक
करोड़ों की प्रॉपर्टी का विवाद या कुछ और?
मारे गए लोगों की पहचान कारोबारी वीरेंद्र कुमार वैश्य (70), उनकी पत्नी अनीता (65), बेटी मीनाक्षी (45) और बेटे अभिषेक (40) के रूप में हुई है। तीनों के शव ऊपर के कमरों में मिले, जबकि बेटे अभिषेक की लाश नीचे दुकान से बरामद हुई।
पुलिस को प्रारंभिक जांच में इस संपत्ति के पीछे अपनों का हाथ होने का शक है। बताया जा रहा है कि वीरेंद्र कुमार ने करीब 15 साल पहले अपने छोटे बेटे अश्विनी को जायदाद से बेदखल कर दिया था। इस 200 वर्ग गज के मकान में 14 दुकानें हैं, जिससे हर महीने मोटा किराया आता था।
पुलिस की सक्रियता
पुलिस महकमे में हड़कंप
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस कमिश्नर जोगेंद्र कुमार समेत कई आला अधिकारी और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंच गई। पुलिस का मानना है कि हत्यारे परिवार और घर की स्थिति से बहुत अच्छे से वाकिफ थे। फिलहाल पुलिस संपत्ति विवाद समेत कई अन्य पहलुओं पर जांच कर रही है।
