प्रियंका गांधी ने लोकसभा में महिला आरक्षण पर उठाई आवाज़
महिला आरक्षण पर चर्चा
लोकसभा में संविधान संशोधन पर चर्चा चल रही है। वायनाड से सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने परिसीमन विधेयक 2026 और महिला आरक्षण के मुद्दे पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस हमेशा से महिला आरक्षण के समर्थन में रही है और आगे भी रहेगी। प्रियंका ने सदन में महिला आरक्षण का ऐतिहासिक संदर्भ प्रस्तुत किया और सत्तापक्ष पर नेहरू के नाम का हवाला देते हुए कटाक्ष किया।
महिला आरक्षण का इतिहास
प्रियंका गांधी ने बताया कि 2010 में पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह और यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस ने लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए आरक्षण का प्रयास किया था। यह प्रस्ताव राज्यसभा में पारित हुआ, लेकिन लोकसभा में आम सहमति नहीं बन पाई।
राहुल गांधी का पत्र
उन्होंने आगे कहा कि 2018 में राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी को एक पत्र लिखा था, जिसमें उन्होंने महिला आरक्षण को 2019 तक लागू करने की बात कही थी। प्रियंका ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री राहुल गांधी का मजाक उड़ाते हैं, लेकिन उनकी बातों पर ध्यान देते हैं।
महिलाओं की पहचान
'महिलाएं बहकाने वाले पुरुषों को पहचानती हैं'
प्रियंका ने कहा कि प्रधानमंत्री के भाषण से ऐसा प्रतीत हुआ कि भाजपा महिला आरक्षण की सबसे बड़ी समर्थक है। उन्होंने कहा कि महिलाएं बहकाने वाले पुरुषों को तुरंत पहचान लेती हैं।
कांग्रेस का समर्थन
कांग्रेस महिला आरक्षण के पक्ष में: प्रियंका
प्रियंका ने मुस्कुराते हुए कहा कि सावधानी बरतें, नहीं तो पकड़े जाएंगे। उन्होंने बताया कि राहुल गांधी के पत्र के कुछ वर्षों बाद, 2023 में प्रधानमंत्री मोदी की सरकार ने यह अधिनियम पारित किया, जिसका कांग्रेस ने समर्थन किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस महिला आरक्षण के पक्ष में दृढ़ता से खड़ी है।
महिला आरक्षण का ऐतिहासिक संदर्भ
महिला आरक्षण का बैकग्राउंड
प्रियंका ने कहा, 'मैं इस विषय की पृष्ठभूमि बताना चाहती हूं, क्योंकि प्रधानमंत्री ने इस पर बहुत कुछ कहा है।' उन्होंने बताया कि नेहरू के समय में इसकी शुरुआत हुई थी, जब मोतीलाल नेहरू ने 1928 में एक रिपोर्ट तैयार की थी।
कराची अधिवेशन का महत्व
कराची अधिवेशन का महिला आरक्षण कनेक्शन
प्रियंका ने बताया कि 1931 में सरदार पटेल की अध्यक्षता में कराची में कांग्रेस का अधिवेशन हुआ, जहां महिलाओं को समान अधिकार देने का प्रस्ताव पारित किया गया। इस अधिवेशन ने 'एक वोट, एक नागरिक, एक मूल्य' का सिद्धांत स्थापित किया, जिससे महिलाओं को मतदान का अधिकार मिला।
महिलाओं के आरक्षण का महत्व
प्रियंका ने कहा कि भारत में महिलाओं के आरक्षण को लागू करना एक अनोखा कदम था। पंचायतों और नगर पालिकाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान भी कांग्रेस की सरकार ने पेश किया था।
