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प्रेस स्वतंत्रता दिवस: पत्रकारिता की भूमिका और महत्व

विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस पर राकेश राठौर ने पत्रकारिता की स्वतंत्रता और उसकी भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि कैसे भारतीय मीडिया लोकतंत्र की ताकत है और समाज में समरसता लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इस दिन का उद्देश्य प्रेस की स्वतंत्रता का मूल्यांकन करना और पत्रकारों के अधिकारों की रक्षा के प्रति प्रतिबद्धता जताना है। जानें इस विशेष दिन के महत्व के बारे में और पत्रकारिता के योगदान को समझें।
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प्रेस स्वतंत्रता दिवस: पत्रकारिता की भूमिका और महत्व

प्रेस स्वतंत्रता का महत्व

जालंधर- सत्य पर आधारित स्वतंत्र, निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता लोकतंत्र की असली ताकत है। विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस का मुख्य उद्देश्य मीडिया के सभी रूपों में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को सुनिश्चित करना है। भाजपा पंजाब के महासचिव राकेश राठौर ने बताया कि भारत में प्रेस की स्वतंत्रता भारतीय संविधान के अनुच्छेद-19 के तहत दी गई अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के मूल अधिकार से सुरक्षित है। उन्होंने कहा कि हर साल 3 मई को प्रेस स्वतंत्रता के मूल सिद्धांतों का जश्न मनाने के साथ-साथ विश्वभर में प्रेस की स्वतंत्रता का मूल्यांकन किया जाता है।


भारतीय मीडिया की भूमिका

राठौर ने कहा कि भारतीय मीडिया हर परिस्थिति का सामना करने में सक्षम है। सोशल मीडिया के विकास के साथ पत्रकारों की नैतिक जिम्मेदारियां भी बढ़ी हैं। मीडिया देश की घटनाओं का सही आकलन करने और उनके समाधान सुझाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने यह भी कहा कि विश्व के किसी भी देश के विकास में पत्रकारों का योगदान महत्वपूर्ण होता है। भारत के स्वतंत्रता संग्राम के दौरान भी पत्रकारों ने एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता।


विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस का इतिहास

लघु उद्योग भारती मास कम्युनिकेशन बोर्ड, उत्तर पश्चिम क्षेत्र के प्रचार प्रमुख विक्रान्त शर्मा ने बताया कि 1993 में संयुक्त राष्ट्र की महासभा ने पहली बार विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस का आयोजन किया था। यह दिन प्रेस की स्वतंत्रता का मूल्यांकन करने, बाहरी तत्वों के हमलों से उसकी रक्षा करने और मीडिया कार्यों में सक्रियता के दौरान दिवंगत पत्रकारों को श्रद्धांजलि देने का है।