Newzfatafatlogo

फतेहाबाद में बारिश से फसलों को भारी नुकसान, किसानों की चिंताएं बढ़ीं

फतेहाबाद में हालिया बारिश ने किसानों की फसलों को गंभीर नुकसान पहुंचाया है, जिससे उनकी चिंताएं बढ़ गई हैं। मौसम विभाग ने अगले चार दिनों में और बारिश की संभावना जताई है। जिले में पहले से ही 20,000 एकड़ फसलें जलमग्न हो चुकी हैं। प्रभावित किसान मुआवजे की मांग कर रहे हैं, जबकि कांग्रेस विधायक ने सरकार से तत्काल सहायता देने की अपील की है। जानें इस स्थिति के बारे में और अधिक जानकारी।
 | 
फतेहाबाद में बारिश से फसलों को भारी नुकसान, किसानों की चिंताएं बढ़ीं

फतेहाबाद में फसल क्षति

फतेहाबाद फसल क्षति (फतेहाबाद): मौसम विभाग ने अगले चार दिनों में अच्छी बारिश की संभावना जताई है, जो शुक्रवार दोपहर से शुरू हो गई है। इससे किसान काफी चिंतित हैं। जिले में पहले से ही 20,000 एकड़ फसलें जलमग्न हो चुकी हैं, जिसके लिए किसान मुआवजे की मांग कर रहे हैं। केवल सेमग्रस्त किसानों को ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल पर आवेदन करने का अधिकार है। टोहाना, फतेहाबाद, भूना और भट्टूकलां के कई गांवों में फसलें डूब गई हैं। इस महीने अब तक रिकॉर्ड 250 मिमी बारिश हो चुकी है, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है। टोहाना के भीमेवाला में 250 एकड़ फसल जलमग्न हो गई है।


जलभराव की समस्या

शुक्रवार दोपहर भूना और आस-पास के क्षेत्रों में एक घंटे तक तेज बारिश हुई, जिससे शहर के निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई। हिसार रोड, उकलाना रोड, कुलां रोड, अनाज मंडी, फतेहाबाद रोड और नेहरू पार्क क्षेत्र में पानी भर गया। हिसार रोड पर पानी डेढ़ से दो फीट तक जमा हो गया।


सरकार से मुआवजे की मांग

अगस्त में 250 मिमी बारिश, किसानों की फसलें प्रभावित

मौसम विभाग ने 2 सितंबर तक अच्छी बारिश की संभावना जताई है। अगस्त में अब तक 250 मिमी बारिश हो चुकी है, जिससे 20,000 एकड़ से अधिक फसलें जलमग्न हो चुकी हैं। प्रभावित किसानों में चिंता बढ़ गई है। जिले के 22 गांवों के किसानों ने ई-क्षतिपोर्टल पर आवेदन कर नुकसान की भरपाई की मांग की है। धान और कपास की फसलें प्रभावित हुई हैं। किसान चिंतित हैं कि अगर पानी इसी तरह जमा रहा, तो उनकी पूरी फसल बर्बाद हो सकती है।


कांग्रेस विधायक का दौरा

प्रभावित किसानों को तुरंत मुआवजा दें: विधायक जरनैल

कांग्रेस विधायक जरनैल सिंह ने शुक्रवार को रतिया क्षेत्र के प्रभावित गांवों का दौरा किया और किसानों से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि हाल की भारी बारिश से किसानों की धान और नरमे की फसलें बर्बाद हो गई हैं, जिससे कई किसानों को आर्थिक नुकसान हुआ है। उन्होंने सरकार से मांग की कि प्रभावित किसानों को तुरंत मुआवजा दिया जाए और भविष्य में जलभराव की समस्या को रोकने के लिए स्थायी समाधान किया जाए।


किसानों का पंजीकरण

पोर्टल पर किसानों का पंजीकरण

ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल पर पंजीकरण के आंकड़े इस प्रकार हैं:

फतेहाबाद: 5 गांव, 412 किसान, 1,589 एकड़

भट्टूकलां: 7 गांव, 777 किसान, 4,490 एकड़

कुल: 22 गांव, 1,189 किसान, 6,537 एकड़

किसानों का कहना है कि अगर पानी अधिक समय तक खेतों में जमा रहा, तो धान, कपास, बाजरा और अन्य फसलें पूरी तरह बर्बाद हो जाएंगी।


बारिश का आंकड़ा

बारिश का आंकड़ा

जिले में बारिश के आंकड़े इस प्रकार हैं:

जुलाई 2024: 102.1 मिमी
जुलाई 2025: 168.2 मिमी
अगस्त 2024: 90.0 मिमी
अगस्त 2025: 250.0 मिमी

हिसार के वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक डॉ. मदन खीचड़ ने चेतावनी दी है कि 2 सितंबर तक मौसम ऐसा ही रहेगा। किसानों को पानी निकासी की तैयारी रखनी चाहिए, वरना फसलों को और नुकसान हो सकता है।


घग्घर नदी का तटबंध

घग्घर नदी के तटबंध कमजोर, किसानों में चिंता

किसानों का कहना है कि जाखल रेलवे लाइन से लेकर घग्घर नदी के पुल तक का किनारा बेहद कमजोर है, जिस पर तुरंत काम होना चाहिए। बारिश से नदी किनारे की मिट्टी बह गई है। गांवों की धान की फसल लगभग तैयार है, लेकिन अगर समय रहते तटबंध मजबूत नहीं किए गए तो फसल और गांव दोनों को खतरा हो सकता है। जाखल क्षेत्र में घग्घर नदी के किनारे कमजोर तटबंध को लेकर किसानों में चिंता और गुस्सा है।

कासिमपुर तटबंध के पास की मिटटी खिसकने से खतरा और बढ़ गया है। किसानों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें मजबूरी में खुद बाहर से मिट्टी मंगवाकर बैग भरकर बांध को दुरुस्त करना पड़ रहा है। लाभ सिंह, नसीब, हरविंदर, सुखराज, रंजीत और हरदेव सहित अन्य किसानों ने बताया कि उन्होंने इस समस्या को बीडीपीओ जाखल को बताया था।