फरीदाबाद-गुरुग्राम के बीच नई रेल और सड़क परियोजना से बढ़ेगी कनेक्टिविटी
फरीदाबाद में नई कनेक्टिविटी का आगाज़
फरीदाबाद, 18 अप्रैल। दिल्ली के निकट स्थित फरीदाबाद और गुरुग्राम के बीच यात्रा करने वाले लाखों पेशेवरों के लिए एक महत्वपूर्ण समाचार है। हरियाणा सरकार ने पूर्वी और पश्चिमी शहरों की कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए 'नमो भारत' रैपिड रेल और एक विशाल एलिवेटेड सड़क को एक ही कॉरिडोर में लाने का निर्णय लिया है। इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत, बाटा रेलवे ओवरब्रिज के पास एक अद्वितीय इंजीनियरिंग नमूना देखने को मिलेगा, जहां दोनों परियोजनाओं के ट्रैक और सड़क एक ही पिलर पर स्थित होंगे। फरीदाबाद मेट्रो डेवलपमेंट अथॉरिटी (FMDA) ने इस तकनीकी समन्वय को मंजूरी दे दी है।
गुरुग्राम से नोएडा तक सीधा संपर्क
गुरुग्राम से नोएडा का सीधा कनेक्शन
नमो भारत रैपिड रेल परियोजना गुरुग्राम से फरीदाबाद होते हुए नोएडा के सेक्टर-142 और सूरजपुर तक जाएगी। इसका मार्ग सैनिक कॉलोनी से शुरू होकर अनखीर चौक और बड़खल चौक को पार करते हुए ग्रेटर फरीदाबाद पहुंचेगा, और फिर यमुना पार कर नोएडा में प्रवेश करेगा। इसके अलावा, शहर की आंतरिक कनेक्टिविटी को सुधारने के लिए बन रहा एलिवेटेड पुल मस्जिद चौक, प्याली-हार्डवेयर चौक और बाटा पुल को पार करते हुए सीधे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से जुड़ जाएगा। इस कॉरिडोर के पूरा होने पर फरीदाबाद के किसी भी कोने से एक्सप्रेसवे तक पहुंचना आसान हो जाएगा।
टेंडर जारी करने की योजना
जुलाई-अगस्त में जारी होंगे टेंडर
हरियाणा की नायब सैनी सरकार इस चुनावी वर्ष में बुनियादी ढांचे के विकास को लेकर गंभीर है। FMDA के अधिकारियों के अनुसार, अगले सप्ताह रेल परियोजना विभाग के साथ एक महत्वपूर्ण समन्वय बैठक आयोजित की जाएगी। यदि तकनीकी मुआयना सफल होता है, तो जुलाई या अगस्त में इस मेगा प्रोजेक्ट के लिए टेंडर आमंत्रित किए जाएंगे। सरकार का प्रयास है कि मुख्यमंत्री की अध्यक्षता वाली अगली FMDA बैठक से पहले सभी कानूनी और तकनीकी अड़चनों को दूर कर लिया जाए।
जाम और प्रदूषण में कमी
जाम और प्रदूषण से मिलेगी बड़ी राहत
इस परियोजना के कार्यान्वयन के बाद फरीदाबाद, गुरुग्राम और नोएडा के बीच का 'ट्रैंगल' पूरी तरह से जाम मुक्त हो जाएगा। वर्तमान में बाटा चौक और बड़खल जैसे क्षेत्रों में भारी ट्रैफिक की समस्या का समाधान इस डबल-डेकर सिस्टम (एलिवेटेड रोड + रैपिड रेल) के माध्यम से होगा। इससे न केवल ईंधन की बचत होगी, बल्कि नोएडा और गुरुग्राम के बीच यात्रा का समय भी 40 से 50 प्रतिशत तक कम होने की संभावना है। यह प्रोजेक्ट दिल्ली-एनसीआर में रहने वाले उन लोगों के लिए एक वरदान साबित होगा जो लंबी दूरी के ट्रैफिक से जूझते हैं।
