फरीदाबाद में एम्बुलेंस में सामूहिक दुष्कर्म: पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया
फरीदाबाद में सामूहिक दुष्कर्म की घटना
फरीदाबाद में एक 25 वर्षीय महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म की घटना ने पुलिस जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य उजागर किए हैं। प्रारंभिक रिपोर्ट के विपरीत, यह अपराध एक सामान्य वाहन में नहीं, बल्कि एक निजी अस्पताल की एम्बुलेंस के अंदर हुआ। पुलिस ने इस मामले में एम्बुलेंस के चालक और उसके सहायक को गिरफ्तार किया है।
घटना का विवरण
यह घटना सोमवार की रात को हुई, जिसके बाद शहर में सुरक्षा और आपात सेवाओं की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल उठने लगे।
पुलिस के अनुसार, पीड़िता अपनी सहेली के घर से लौट रही थी। वह ऑटो से एनआईटी 2 चौक तक पहुंची और फिर मेट्रो चौक की ओर पैदल चलने लगी। आधी रात के करीब, जब वह ऑटो का इंतजार कर रही थी, तब एम्बुलेंस में सवार दो व्यक्तियों ने उसे लिफ्ट देने का प्रस्ताव दिया।
दुष्कर्म की घटना
महिला को आश्वासन दिया गया कि उसे सुरक्षित घर पहुंचा दिया जाएगा, लेकिन एम्बुलेंस ने गुरुग्राम की दिशा में मोड़ लिया। पुलिस का आरोप है कि चलते वाहन में उसके साथ कई घंटों तक दुष्कर्म किया गया और उसे पीटा गया।
आरोपियों का पता
लगभग तीन घंटे बाद, आरोपी महिला को सड़क किनारे फेंककर फरार हो गए। स्थानीय लोगों ने उसे गंभीर हालत में नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया। डॉक्टरों ने बताया कि उसके चेहरे पर गहरे जख्म हैं और उसके दाहिने कंधे में फ्रैक्चर है।
जांच में यह भी सामने आया है कि दोनों आरोपी उत्तर प्रदेश के निवासी हैं। एक मथुरा से और दूसरा झांसी से है। दोनों एम्बुलेंस में चालक और सहायक के रूप में काम कर रहे थे।
महिला आयोग की प्रतिक्रिया
घटना की गंभीरता को देखते हुए, हरियाणा राज्य महिला आयोग ने स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग की अध्यक्ष ने फरीदाबाद के पुलिस आयुक्त से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है और पीड़िता को हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया है।
भविष्य की कार्रवाई
पुलिस का कहना है कि पीड़िता के स्वस्थ होने के बाद पहचान परेड कराई जाएगी। इसके साथ ही एम्बुलेंस के मार्ग और समय की जांच की जा रही है। सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि निजी एम्बुलेंस सेवाओं में कर्मचारियों की पृष्ठभूमि की जांच और रियल टाइम ट्रैकिंग अनिवार्य होनी चाहिए।
