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फरीदाबाद में ऑनलाइन ठगी का बड़ा खुलासा: गैंग ने लड़कियों की फर्जी प्रोफाइल बनाकर किया शिकार

फरीदाबाद पुलिस ने एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो सोशल मीडिया और डेटिंग ऐप्स के माध्यम से लोगों को ठगी का शिकार बना रहा था। गिरोह के सदस्यों ने लड़कियों की फर्जी प्रोफाइल बनाकर लोगों से संपर्क किया और फिर उन्हें डराकर पैसे वसूले। पुलिस ने जयपुर से गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जिनमें से भगवान सिंह मुख्य सरगना है। यह मामला तब सामने आया जब एक व्यक्ति ने पुलिस को ठगी की शिकायत की। जानिए इस गिरोह के काम करने का तरीका और उनकी गिरफ्तारी की पूरी कहानी।
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फरीदाबाद में ऑनलाइन ठगी का बड़ा खुलासा: गैंग ने लड़कियों की फर्जी प्रोफाइल बनाकर किया शिकार

फरीदाबाद पुलिस ने किया बड़ा खुलासा


फरीदाबाद: फरीदाबाद पुलिस ने सोशल मीडिया और डेटिंग ऐप्स के माध्यम से लोगों को ठगी का शिकार बनाने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस गिरोह के पांच सदस्यों को जयपुर से गिरफ्तार किया गया है, जिनमें से एक सरगना भी शामिल है।


फर्जी प्रोफाइल का खेल

आरोपी इंस्टाग्राम और टिंडर जैसे प्लेटफार्मों पर लड़कियों की नकली प्रोफाइल बनाते थे। इसके बाद, वे फोन पर लड़की की आवाज में बात करके लोगों को विश्वास में लेते थे और फिर उन्हें डराकर पैसे वसूलते थे।


गिरोह की पहचान

फरीदाबाद पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों में भगवान सिंह, देवा गुर्जर, बिजेंद्र, धीरज और मनीष शामिल हैं। भगवान सिंह इस गिरोह का मुख्य सरगना है। सभी आरोपियों को जयपुर के जगतपुरा क्षेत्र में एक अपार्टमेंट से पकड़ा गया।


सोशल मीडिया पर धोखाधड़ी

जांच में यह भी पता चला है कि आरोपी इंस्टाग्राम और टिंडर पर लड़कियों की तस्वीरें लगाकर फर्जी प्रोफाइल बनाते थे। इसके जरिए वे लोगों से दोस्ती कर उन्हें अपने जाल में फंसाते थे।


पुलिस के प्रवक्ता ने बताया कि जब बातचीत की आवश्यकता होती थी, तो भगवान सिंह लड़की की आवाज में बात करता था, जिससे लोग आसानी से झांसे में आ जाते थे।


गिरोह के सदस्यों की भूमिकाएँ

पुलिस के अनुसार, देवा गुर्जर, बिजेंद्र और धीरज लोगों से बातचीत कर उन्हें फंसाने का कार्य करते थे, जबकि मनीष ठगी से प्राप्त धन को जमा कराने के लिए बैंक खातों की व्यवस्था करता था।


गिरोह के सदस्य मिलकर पूरे नेटवर्क का संचालन करते थे और ठगी की गई रकम को विभिन्न खातों में ट्रांसफर कर देते थे।


धमकी देकर पैसे वसूलना

जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी पहले अश्लील बातचीत करते थे और फिर खुद को पुलिस अधिकारी बताकर कॉल करते थे। वे गिरफ्तारी की धमकी देकर पैसे मांगते थे।


आरोपी यह कहते थे कि लड़की के परिवार ने शिकायत की है और मामले से बचने के लिए पैसे देने होंगे। इसी डर का फायदा उठाकर वे ठगी करते थे।


ठगी का मामला कैसे खुला

यह मामला ओल्ड फरीदाबाद के एक व्यक्ति की शिकायत के बाद सामने आया। पीड़ित ने बताया कि 20 जनवरी को उसे एक कॉल आई, जिसमें कॉल करने वाले ने खुद को पुलिस अधिकारी बताया।


कॉल करने वाले ने अश्लील बातचीत के आरोप में गिरफ्तारी का डर दिखाया और मामले से बचाने के नाम पर पैसे मांगे। आरोपियों ने पीड़ित से 45 हजार रुपये से अधिक की ठगी की थी।