फारूक अब्दुल्ला का विवादित बयान: पंजाब धमाकों पर प्रतिक्रिया
पंजाब में धमाकों पर फारूक अब्दुल्ला की टिप्पणी
श्रीनगर - पंजाब में हाल ही में हुए दोहरे धमाकों पर नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने एक विवादास्पद बयान दिया है। उन्होंने बुधवार को मीडिया से बातचीत में कहा, "भारत में धमाके होते रहते हैं, यह कोई नई बात नहीं है, इसलिए घबराने की आवश्यकता नहीं है।"
फारूक अब्दुल्ला ने इन घटनाओं पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि देश में सुरक्षा संबंधी चुनौतियाँ समय-समय पर आती रहती हैं। उनके अनुसार, यह सामान्य स्थिति का हिस्सा है और इससे चिंतित होना उचित नहीं है। मंगलवार रात पंजाब के दो स्थानों पर जोरदार धमाके हुए, जिनकी आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के लोग घरों से बाहर निकल आए। अधिकारियों ने पुष्टि की है कि इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ है।
इस मामले की जांच के लिए एनआईए की विशेष टीमों को जालंधर में विस्फोट स्थल पर भेजा गया है। सूत्रों के अनुसार, ये टीमें विस्फोट के कारणों का पता लगाने के लिए जांच करेंगी, जिससे और खुलासे होने की संभावना है। पंजाब पुलिस के अनुसार, स्कूटर में आग लगने के कारण विस्फोट हुआ। पुलिस इस घटना की जांच कर रही है ताकि विस्फोट के सटीक कारण का पता लगाया जा सके। अधिकारियों ने बताया कि दुर्घटना में शामिल स्कूटर गुरप्रीत सिंह का था, जो एक कूरियर कंपनी में कार्यरत है, और पुलिस उससे पूछताछ कर रही है।
इसके अलावा, उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर भी अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि युद्ध और संघर्ष समस्याओं का समाधान नहीं करते, बल्कि केवल मुसीबत और विनाश लाते हैं। फारूक अब्दुल्ला ने यूक्रेन का उदाहरण देते हुए वहां की स्थिति की गंभीरता को उजागर किया। उन्होंने भारत में बढ़ती गैस की कीमतों और इससे उत्पन्न सामाजिक और आर्थिक कठिनाइयों पर भी चिंता व्यक्त की। उनका यह बयान राजनीतिक और सार्वजनिक क्षेत्रों में चर्चा का विषय बन गया है।
ज्ञात हो कि ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ 7 मई 2026 को मनाई जाएगी। यह 6-7 मई 2025 की रात को पाकिस्तान में आतंकवादी ठिकानों के खिलाफ भारत द्वारा की गई सफल 'सर्जिकल स्ट्राइक' की याद दिलाता है, जो अप्रैल 2025 में पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के जवाब में की गई थी।
