फुजैराह में हमले से बढ़ी भारत की चिंता: तीन भारतीय नागरिक घायल
फुजैराह में तनावपूर्ण स्थिति
नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में हालात एक बार फिर गंभीर हो गए हैं। संयुक्त अरब अमीरात के फुजैराह में हुए हालिया हमले ने न केवल क्षेत्रीय शांति को हिला दिया है, बल्कि भारत के लिए भी चिंता का विषय बन गया है, क्योंकि इस घटना में तीन भारतीय नागरिक घायल हुए हैं। भारत ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे पूरी तरह अस्वीकार्य बताया है।
भारत की प्रतिक्रिया
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि नागरिकों और बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने तुरंत हिंसा को रोकने और संवाद के माध्यम से समाधान खोजने की आवश्यकता पर जोर दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस घटना पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि भारत यूएई के साथ मजबूती से खड़ा है और शांतिपूर्ण बातचीत के माध्यम से स्थिति को संभालने की अपील की।
Strongly condemn the attacks on the UAE that resulted in injuries to three Indian nationals. Targeting civilians and infrastructure is unacceptable.
— Narendra Modi (@narendramodi) May 5, 2026
India stands in firm solidarity with the UAE and reiterates its support for the peaceful resolution of all issues through…
हमले का विवरण
सोमवार को ईरान ने मिसाइल और ड्रोन के माध्यम से संयुक्त अरब अमीरात पर हमला किया। इस हमले में फुजैराह के ऑयल इंडस्ट्रियल जोन में आग लग गई, जिससे कई लोग घायल हुए, जिनमें तीन भारतीय नागरिक भी शामिल हैं। यह हमला ऐसे समय में हुआ जब क्षेत्र में पहले से ही तनाव था। यूएई के अधिकारियों के अनुसार, चार क्रूज मिसाइलें दागी गई थीं, जिनमें से तीन को वायु रक्षा प्रणाली ने नष्ट कर दिया, जबकि चौथी समुद्र में गिर गई।
अबू धाबी स्थित भारतीय दूतावास ने बताया कि घायल भारतीयों को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उनकी स्थिति स्थिर है। दूतावास स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर उनकी हर संभव सहायता कर रहा है, ताकि उन्हें बेहतर इलाज और सुरक्षा मिल सके।
फुजैराह का महत्व
फुजैराह क्षेत्र संयुक्त अरब अमीरात के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह क्षेत्र देश के ऊर्जा निर्यात का एक बड़ा केंद्र है और यहां से तेल की आपूर्ति ओमान की खाड़ी के रास्ते होती है, जिससे होर्मुज जलडमरूमध्य पर निर्भरता कम होती है। इस कारण से इस क्षेत्र पर हमला बेहद संवेदनशील माना जा रहा है।
ईरान और यूएई के बीच तनाव
यह घटना पहले से चल रहे संघर्ष को और बढ़ा देती है। हाल ही में अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम हुआ था, जिससे हालात थोड़े शांत हुए थे, लेकिन इस नए हमले ने उस शांति को फिर से तोड़ दिया। यूएई के अधिकारियों ने बताया कि हाल के दिनों में कई ड्रोन और मिसाइल हमलों को रोका गया है।
ईरानी मीडिया के अनुसार, उनकी नौसेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास अपने ऑपरेशन का दायरा बढ़ा दिया है। वहीं, यूएई ने इन हमलों को गंभीर खतरा बताते हुए जवाबी कार्रवाई का अधिकार सुरक्षित रखने की बात कही है। यूएई के विदेश मंत्रालय ने इस हमले को "विश्वासघाती" करार दिया और कहा कि यह देश की सुरक्षा के लिए सीधा खतरा है।
