फ्रांस और रूस ने ईरान पर हमलों के खिलाफ की अपील, युद्ध रोकने की आवश्यकता पर जोर
युद्ध रोकने की अपील
नई दिल्ली। अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद, फ्रांस ने इसे वैश्विक शांति के लिए खतरा बताते हुए तुरंत युद्ध समाप्त करने की मांग की है। नार्वे ने भी इजराइल के हमले की निंदा की, इसे अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन करार दिया। ईरान का सहयोगी देश रूस ने भी इस हमले की आलोचना की और युद्ध को रोकने की अपील की। हालांकि, चीन की प्रतिक्रिया अभी तक सामने नहीं आई है, जबकि चीन और ईरान के बीच करीबी व्यापारिक संबंध हैं।
फ्रांस का रुख
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा कि अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच बढ़ता संघर्ष वैश्विक शांति और सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है। उन्होंने चेतावनी दी कि स्थिति तेजी से बिगड़ रही है और इसे तुरंत नियंत्रित करना आवश्यक है। मैक्रों ने यह भी स्पष्ट किया कि फ्रांस अपने नागरिकों और मध्य पूर्व में अपने हितों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है। यदि सहयोगी देशों को सहायता की आवश्यकता होती है, तो फ्रांस सुरक्षा प्रदान करने के लिए आवश्यक कदम उठाने को तैयार है।
रूस की प्रतिक्रिया
रूस ने भी ईरान पर हो रहे अमेरिकी और इजराइली हमलों को रोकने की अपील की है। रूसी विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर कहा कि स्थिति को राजनीतिक और कूटनीतिक समाधान की ओर ले जाना चाहिए। रूस के विदेश मंत्री सर्गेइ लावरोव ने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची से फोन पर बातचीत की, जिसमें लावरोव ने अमेरिका और इजराइल के हमलों की कड़ी निंदा की। रूसी विदेश मंत्रालय ने इन हमलों को बिना उकसावे वाली कार्रवाई बताया और तुरंत इन्हें रोकने की मांग की। नार्वे के विदेश मंत्री एस्पेन बार्थ एइडे ने भी कहा कि इजराइल के हमले अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ हैं और संकट का समाधान कूटनीतिक तरीके से होना चाहिए।
