बकरीद 2026: महंगाई के बीच मवेशियों की कीमतों में बेतहाशा वृद्धि
बकरीद की तैयारियों में महंगाई का असर
नई दिल्ली: इस्लाम धर्म के प्रमुख त्योहारों में से एक, ईद-उल-अजहा (बकरीद) की तैयारियां पूरे देश में जोरों पर हैं। हालांकि, इस बार मवेशी बाजारों में महंगाई ने आम लोगों की जेब पर भारी असर डाला है। त्योहार के नजदीक आते ही पशु बाजारों में कीमतों में अप्रत्याशित वृद्धि देखी जा रही है।
महंगे बैल और बकरियों की कीमतें
सामान्य बकरियों की कीमतें 5 लाख रुपये तक पहुंच गई हैं, जबकि कुर्बानी के लिए भारी बैल 12 लाख रुपये तक बिक रहे हैं। चारे की बढ़ती कीमतें, परिवहन खर्च में वृद्धि और वैश्विक आर्थिक हालात ने इस बार कुर्बानी के बाजार को प्रभावित किया है।
बकरीद का पर्व कब मनाया जाएगा?
ईद-उल-अजहा का पर्व इस्लामी कैलेंडर के अंतिम महीने 'जुल हिज्जा' की 10 तारीख को मनाया जाता है। यह पर्व पैगंबर हजरत इब्राहिम की अल्लाह के प्रति अटूट आस्था और उनके बलिदान की याद में मनाया जाता है। इस दिन मुसलमान अपनी सामर्थ्यानुसार हलाल पशुओं की कुर्बानी देते हैं और मांस को तीन हिस्सों में बांटते हैं।
बकरीद की तारीखें
इस साल, सऊदी अरब, कुवैत, कतर, जॉर्डन और पाकिस्तान में बकरीद 27 मई 2026 को मनाई जाएगी, जबकि भारत, बांग्लादेश और अन्य उपमहाद्वीपीय देशों में यह त्योहार 28 मई 2026 को मनाया जाएगा।
दिल्ली में मवेशी मंडियों की स्थिति
दिल्ली के ऐतिहासिक जामा मस्जिद, जाफराबाद, ओखला और शाहदरा में अस्थायी मवेशी मंडियों में सुबह से ही खरीदारों की भीड़ देखी जा रही है। हालांकि, कीमतें सुनकर लोग चौंक रहे हैं। छोटे मवेशियों की कीमत 25,000 रुपये से लेकर 2 लाख रुपये तक है।
राजस्थान में बकरियों की कीमतें
राजस्थान से आने वाली विशेष नस्ल की बकरियां, जैसे 'सोजत' और 'जमुनापारी', 3 लाख से 5 लाख रुपये तक की रिकॉर्ड कीमत पर बिक रही हैं। कुर्बानी के लिए तैयार बैलों की शुरुआती कीमत 1 लाख रुपये है, जबकि कुछ दुर्लभ नस्ल के बैल 8 लाख रुपये या उससे अधिक में बिक रहे हैं।
देवनार बाजार में मवेशियों की कीमतें
देवनार में महंगाई का असर सबसे अधिक देखने को मिल रहा है। यहां बकरियों की कीमत 30,000 से 80,000 रुपये के बीच है, जबकि प्रीमियम मवेशियों की कीमत 7 लाख से 10 लाख रुपये तक जा रही है। कुछ विशालकाय बैलों की कीमत 12 लाख रुपये तक है।
पाकिस्तान में मवेशियों की कीमतें
पाकिस्तान के कराची, लाहौर और इस्लामाबाद में आर्थिक तंगी के कारण सामान्य बकरियों की कीमत 90,000 से 1,25,000 पाकिस्तानी रुपये तक पहुंच गई है। ईंधन की बढ़ती कीमतों और खराब मौसम ने मवेशियों की ढुलाई को महंगा कर दिया है, फिर भी खरीदारों में उत्साह कम नहीं हुआ है।
