बजाज एलियांज और केयर हेल्थ के पॉलिसीधारकों के लिए राहत: कैशलेस सेवाएं फिर से शुरू

कैशलेस सेवाओं की बहाली
नई दिल्ली: बजाज एलियांज और केयर हेल्थ इंश्योरेंस के लाखों पॉलिसीधारकों के लिए शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण समाचार आया है। अस्पतालों के संगठन एसोसिएशन ऑफ हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स ऑफ इंडिया (AHPI) ने इन बीमा कंपनियों की कैशलेस सेवाओं पर लगी रोक को समाप्त करने का निर्णय लिया है। अब 1 सितंबर, 2025 से इन कंपनियों के ग्राहकों को उत्तर भारत के नेटवर्क अस्पतालों में पहले की तरह कैशलेस इलाज की सुविधा उपलब्ध होगी।
यह निर्णय गुरुवार, 28 अगस्त को AHPI और बजाज एलियांज के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच हुई एक सफल बैठक के बाद लिया गया, जिसमें दोनों पक्षों के बीच चल रहे विवादों का समाधान किया गया।
बैठक में यह तय हुआ कि बीमा कंपनी 29 सितंबर, 2025 तक अस्पतालों की शिकायतों को दूर करने के लिए उठाए गए कदमों की औपचारिक जानकारी प्रदान करेगी। इसके बदले में, AHPI ने अपने सभी सदस्य अस्पतालों को तुरंत प्रभाव से कैशलेस सेवाएं फिर से शुरू करने का निर्देश दिया है।
AHPI ने यह भी स्पष्ट किया कि केयर हेल्थ इंश्योरेंस की सेवाएं कभी बंद नहीं की गई थीं, बल्कि कुछ मुद्दों पर स्पष्टीकरण मांगा गया था, जिसका उत्तर कंपनी ने दे दिया है। इसलिए उनके ग्राहकों को कैशलेस सुविधा में कोई रुकावट नहीं आएगी।
विवाद का कारण
क्यों खड़ा हुआ था यह विवाद?
अस्पतालों और बीमा कंपनियों के बीच यह विवाद मुख्य रूप से बजाज एलियांज जैसी कंपनियों द्वारा इलाज की दरों को कई वर्षों तक नहीं बढ़ाने के कारण उत्पन्न हुआ था, जिससे अस्पतालों को वित्तीय नुकसान हो रहा था। इसके अलावा, अस्पतालों ने यह भी शिकायत की थी कि बीमा कंपनियां नए अस्पतालों को अपने नेटवर्क में शामिल करने में देरी कर रही थीं, जिससे रोगियों को कठिनाई हो रही थी। विवाद का एक और महत्वपूर्ण कारण यह था कि बीमा कंपनियाँ रोबोटिक सर्जरी जैसी नई उपचार तकनीकों के लिए भुगतान करने से मना कर रही थीं, और डॉक्टरों द्वारा सुझाए गए उपचार के तरीकों में हस्तक्षेप कर रही थीं, जिससे चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहा था।
कंपनियों का आश्वासन
कंपनियों ने दिया भरोसा
इस मामले पर बजाज एलियांज ने कहा कि उनका उद्देश्य हमेशा मरीजों की सहायता करना रहा है और उन्होंने कभी कैशलेस सेवा बंद नहीं की। वहीं, केयर हेल्थ ने भी आश्वासन दिया है कि उनके नेटवर्क अस्पतालों में इलाज की प्रक्रिया बिना किसी रुकावट के जारी रहेगी। AHPI ने संकेत दिए हैं कि भविष्य में ऐसे विवाद न हों, इसके लिए वे जल्द ही जनरल इंश्योरेंस काउंसिल से भी मुलाकात करेंगे।