बहराइच में बच्चों की किताबों की बिक्री पर बड़ा खुलासा
बच्चों की किताबों का विवाद
बहराइच। उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में बेसिक शिक्षा विभाग से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें बच्चों के लिए आईं मुफ्त किताबों को रद्दी के दाम पर बेचा गया। कांग्रेस पार्टी ने इस घटना का एक वीडियो साझा करते हुए आरोप लगाया कि लगभग 16,000 किताबें 4 रुपए प्रति किलो की दर पर कबाड़ी को बेची गईं।
कांग्रेस ने कहा कि जब यह मामला उजागर हुआ, तो ये किताबें एक ट्रक में लदी हुई पाई गईं, जिन्हें उत्तराखंड भेजा जाना था। पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा के शासन में शिक्षा का व्यापार किया जा रहा है और स्कूलों में हर साल तालाबंदी की जा रही है। उनका कहना है कि 'बच्चे पढ़ाई न करें, बस भाजपा की तिजोरी भरी रहे।'
यूपी में भ्रष्टाचार का आलम देखिए
बहराइच में बच्चों को बांटने के लिए आईं करीब 16,000 किताबों को 4 रुपए किलो में कबाड़ी को बेच दिया गया।
मामला सामने आया तो ये किताबें एक ट्रक में लोड पाई गईं, जिन्हें उत्तराखंड भेजा जाना था।
साफ है- BJP के राज में शिक्षा का सौदा किया जा रहा… pic.twitter.com/x5dCIUZZr9
— Congress (@INCIndia) February 23, 2026
जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी ने एक जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर आठ विभागीय सदस्यों को दोषी ठहराया है। सोमवार को डीएम ने दो अनुचरों को निलंबित किया और तीन कर्मचारियों को बर्खास्त करने के साथ-साथ तीन अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू की। जांच में यह भी सामने आया कि स्टॉक में हजारों किताबें कम थीं, जिन्हें कबाड़ी के माध्यम से उत्तराखंड भेजा जा रहा था। पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

