बांग्लादेश ने पाकिस्तान को हराया, विवादित DRS पर उठे सवाल
बांग्लादेश की ऐतिहासिक जीत
बांग्लादेश बनाम पाकिस्तान तीसरा वनडे: रविवार को बांग्लादेश ने पाकिस्तान के खिलाफ तीसरे वनडे में 11 रनों से जीत हासिल की। इस रोमांचक मुकाबले में पाकिस्तान को 291 रनों का लक्ष्य दिया गया था, लेकिन मेहमान टीम केवल 279 रन ही बना सकी। यह बांग्लादेश की पाकिस्तान के खिलाफ 11 साल बाद वनडे सीरीज़ में पहली जीत है। इस निर्णायक मैच में हार के बाद पाकिस्तान ने बांग्लादेश पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया है।
विवादित DRS पर पाकिस्तान की शिकायत
पाकिस्तान ने बांग्लादेश के खिलाफ तीसरे वनडे के अंतिम ओवर में एक विवादास्पद DRS के चलते मैच रेफरी नियमुरा रशीद से शिकायत की है। यह मामला उस निर्णय से संबंधित है, जिसमें ऑन-फील्ड अंपायर कुमार धर्मसेना ने बांग्लादेश को रिव्यू लेने की अनुमति दी थी। पाकिस्तान का मानना है कि इस निर्णय में नियमों का उल्लंघन हुआ है।
पाकिस्तान की टीम प्रबंधन की प्रतिक्रिया
एक सूत्र ने बताया कि पाकिस्तान टीम प्रबंधन का मानना है कि बांग्लादेश ने गेंद का रीप्ले बड़ी स्क्रीन पर देखने के बाद रिव्यू लिया। इस कारण से, मैच समाप्त होने के बाद उन्होंने रेफरी से संपर्क किया। पाकिस्तान को यह भी लगा कि बांग्लादेश को रिव्यू लेने के लिए निर्धारित 15 सेकंड से अधिक समय दिया गया।
कोच माइक हेसन की शिकायत
सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान के हेड कोच माइक हेसन ने मैच के बाद रशीद से मुलाकात की और अपनी औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) की इस शिकायत का उद्देश्य क्या है। मैच रेफरी ने हेसन से बातचीत की और उन्हें पूरी स्थिति समझाने का प्रयास किया। उन्होंने यह भी कहा कि मेज़बान टीम ने कोई गलत फायदा नहीं उठाया।
मैच का निर्णायक क्षण
यह घटना तब हुई जब पाकिस्तान को जीत के लिए अंतिम दो गेंदों पर 12 रनों की आवश्यकता थी। रिशाद हुसैन ने एक गेंद फेंकी, जिस पर कप्तान शाहीन अफरीदी थे। अंपायर धर्मसेना ने इसे 'वाइड' करार दिया। हालांकि, 'वाइड' के फैसले पर सीधे रिव्यू नहीं लिया जा सकता था, लेकिन बांग्लादेश ने LBW की अपील की, जिसके बाद यह निर्णय 'थर्ड अंपायर' के पास भेजा गया।
फैसले का प्रभाव
रीप्ले में दिखा कि जब गेंद बल्ले के पास से गुज़री, तो 'अल्ट्रा-एज' में हलचल दिखाई दी। इसी आधार पर 'वाइड' के फैसले को बदल दिया गया। हालांकि बांग्लादेश ने इस रिव्यू को गंवा दिया, लेकिन इस निर्णय ने उनकी जीत को लगभग सुनिश्चित कर दिया। यह भी ध्यान देने योग्य है कि टीवी प्रसारण के दौरान स्क्रीन पर कोई 'टाइमर' नहीं दिखाया गया था।
