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बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर बढ़ती हिंसा, भारत ने की सख्त चेतावनी

बांग्लादेश में हाल ही में हिंदू अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं, जिसमें पांच हिंदुओं की हत्या शामिल है। भारत सरकार ने बांग्लादेश की अंतरिम सरकार को चेतावनी दी है कि वह इस सांप्रदायिक हिंसा को तुरंत रोकें। विदेश मंत्रालय ने अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है। इस लेख में बांग्लादेश में हो रही हिंसा की घटनाओं और भारत की प्रतिक्रिया पर चर्चा की गई है।
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बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर बढ़ती हिंसा, भारत ने की सख्त चेतावनी

बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा

नई दिल्ली - बांग्लादेश में मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में अंतरिम सरकार के गठन के बाद से हिंदू अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। पिछले एक महीने में कम से कम पांच हिंदुओं की हत्या की जा चुकी है। इसके साथ ही मंदिरों में तोड़फोड़, हिंदुओं के घरों और व्यवसायों पर हमले, और सरकारी नौकरियों में कार्यरत हिंदुओं से जबरन इस्तीफे की घटनाएं भी सामने आई हैं।


इन घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए, भारत सरकार ने शुक्रवार को बांग्लादेश की अंतरिम सरकार को स्पष्ट रूप से कहा कि वह देश में हो रही सांप्रदायिक हिंसा को तुरंत और कठोरता से रोकें।


विदेश मंत्रालय की कड़ी प्रतिक्रिया
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, “हम अल्पसंख्यकों और उनके घरों तथा व्यवसायों पर चरमपंथियों द्वारा हो रहे लगातार हमलों को लेकर गहरी चिंता व्यक्त करते हैं।” उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं का सख्ती से और बिना देरी के समाधान करना आवश्यक है।


जायसवाल ने यह भी चिंता जताई कि इन मामलों को व्यक्तिगत दुश्मनी, राजनीतिक मतभेद या बाहरी कारणों से जोड़कर नजरअंदाज करने की प्रवृत्ति देखी जा रही है। इससे अपराधियों का हौसला बढ़ता है और अल्पसंख्यकों में भय और असुरक्षा की भावना और गहरी होती है।


पिछले महीने की हत्याएं
पिछले महीने 18 दिसंबर को एक गारमेंट फैक्ट्री में काम करने वाले दीपू चंद्र दास की भीड़ ने पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। आरोप है कि हत्या के बाद शव को पेड़ से लटकाकर आग लगा दी गई। इस मामले में अब तक कम से कम 12 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।


इसके बाद 24 दिसंबर को राजबाड़ी जिले के पांग्शा उप-जिले में अमृत मंडल की कथित तौर पर जबरन वसूली के आरोप में हत्या कर दी गई। 31 दिसंबर की रात दुकान बंद कर घर लौट रहे 50 वर्षीय व्यापारी खोकोन चंद्र दास पर धारदार हथियार से हमला किया गया और उन्हें आग के हवाले कर दिया गया। तीन जनवरी को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।


पांच जनवरी को नरैल के निवासी और ‘दैनिक बीडी खबर’ के कार्यवाहक संपादक राणा प्रताप बैरागी की जेस्सोर जिले में गोली मारकर हत्या कर दी गई। इसी रात पलाश उप-जिले के चारसिंदूर बाजार में किराना दुकानदार मोनी चक्रवर्ती की भी धारदार हथियार से हमला कर हत्या कर दी गई।


अल्पसंख्यकों में बढ़ती चिंता
अगस्त 2024 में शेख हसीना सरकार के सत्ता से हटने के बाद से बांग्लादेश में अल्पसंख्यक समुदायों के खिलाफ हिंसा की कई घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें हिंदू समुदाय सबसे अधिक प्रभावित हुआ है।


वर्ष 2022 की जनगणना के अनुसार, बांग्लादेश में करीब 1.31 करोड़ हिंदू रहते हैं, जो देश की कुल आबादी का लगभग 7.95 प्रतिशत हैं। लगातार हो रही हिंसा की घटनाओं से वहां के हिंदू समुदाय में गहरी चिंता और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है।