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बांग्लादेश में हिंदू समुदाय पर फिर से हमला, एक व्यक्ति को जिंदा जलाया गया

बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के खिलाफ हिंसा की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। हाल ही में शरीयतपुर जिले में एक हिंदू व्यक्ति खोकोन दास को उग्र भीड़ ने जिंदा जला दिया। यह घटना हिंदू समुदाय पर हुए चौथे जानलेवा हमले के रूप में सामने आई है। मानवाधिकार संगठनों ने इन हमलों पर चिंता जताते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की है। जानें इस घटना के बारे में और क्या है इसके पीछे का कारण।
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बांग्लादेश में हिंदू समुदाय पर फिर से हमला, एक व्यक्ति को जिंदा जलाया गया

बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं के खिलाफ हिंसा जारी

नई दिल्ली - बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के खिलाफ हिंसा रुकने का नाम नहीं ले रही है। हालिया घटना शरीयतपुर जिले से आई है, जहां एक उग्र भीड़ ने हिंदू व्यक्ति खोकोन दास पर हमला कर उसे जिंदा जला दिया। इस भयानक घटना में 50 वर्षीय खोकोन दास की मौके पर ही मौत हो गई।


प्रत्यक्षदर्शियों और मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, खोकोन दास जब अपने घर लौट रहे थे, तभी भीड़ ने उन्हें घेर लिया। पहले उन पर धारदार हथियारों से हमला किया गया, फिर बेरहमी से पीटा गया और अंत में आग के हवाले कर दिया गया। इस घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है।


एक महीने में हिंदुओं पर चौथा जानलेवा हमला

यह घटना हाल के दिनों में हिंदू समुदाय पर हुआ चौथा बड़ा हमला है। इससे पहले सोमवार को बेजेंद्र बिस्वास नामक एक हिंदू युवक को उसके सहकर्मी ने गोली मार दी थी। वहीं, 24 दिसंबर को 29 वर्षीय अमृत मंडल की कथित तौर पर भीड़ ने पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। यह घटना कालीमोहर संघ के हुसैनडांगा इलाके में हुई थी।


ईशनिंदा के आरोप में दीपू चंद्र दास की हत्या

इससे पहले 18 दिसंबर को मयमनसिंह के भालुका इलाके में 25 वर्षीय दीपू चंद्र दास की भीड़ द्वारा बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। आरोप है कि एक मुस्लिम सहकर्मी ने उस पर ईशनिंदा का झूठा आरोप लगाया, जिसके बाद उग्र भीड़ ने उसकी हत्या की और शव को पेड़ से लटकाने के बाद आग लगा दी।


मानवाधिकार संगठनों की चिंता

लगातार हो रही इन घटनाओं ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मानवाधिकार संगठनों ने इन हमलों पर चिंता जताते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।