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बारामती उपचुनाव में सुनेत्रा पवार की निर्विरोध जीत की संभावना

बारामती उपचुनाव में सुनेत्रा पवार की निर्विरोध जीत की संभावना बढ़ गई है। कांग्रेस ने अपने उम्मीदवार को वापस लेने का निर्णय लिया है, जो अजित पवार के सम्मान में किया गया। इस निर्णय के पीछे मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और शरद पवार गुट के नेताओं की अपील भी शामिल है। अजित पवार का निधन एक विमान दुर्घटना में हुआ था, और बारामती सीट पर उनका परिवार लंबे समय से काबिज रहा है। अब, इस सीट पर मतदान 23 अप्रैल को होगा, और सुनेत्रा पवार का निर्विरोध चुना जाना लगभग तय है।
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बारामती उपचुनाव में सुनेत्रा पवार की निर्विरोध जीत की संभावना

बारामती उपचुनाव की स्थिति

बारामती उपचुनाव : महाराष्ट्र की बारामती सीट पर होने वाला उपचुनाव अब एकतरफा होता नजर आ रहा है। एनसीपी के दिवंगत नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार का निर्विरोध जीतना लगभग तय माना जा रहा है, क्योंकि कांग्रेस ने अपना उम्मीदवार वापस लेने का फैसला किया है। इस सीट पर मतदान 23 अप्रैल को होना है।


कांग्रेस का निर्णय

कांग्रेस ने ‘सम्मान’ में पीछे खींचे कदम

कांग्रेस ने गुरुवार को अपना उम्मीदवार वापस लेते हुए कहा कि यह फैसला अजित पवार के सम्मान में लिया गया है। पार्टी ने उपचुनाव के लिए आकाश मोरे को मैदान में उतारा था, लेकिन अब उन्होंने नामांकन वापस ले लिया है। महाराष्ट्र कांग्रेस प्रमुख हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि पार्टी ने उम्मीदवार केवल वैचारिक मतभेद दिखाने के लिए उतारा था, लेकिन अजित पवार के निधन ने सभी को भावुक कर दिया।


मुख्यमंत्री की अपील

मुख्यमंत्री फडणवीस ने भी की अपील

इस फैसले से पहले महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष से फोन पर बात कर उम्मीदवार हटाने का अनुरोध किया था। इसके अलावा शरद पवार गुट के नेताओं ने भी कांग्रेस से यही अपील की थी। इनमें सुप्रिया सुले और रोहित पवार शामिल रहे। सूत्रों के मुताबिक, सुनेत्रा पवार ने भी खुद कांग्रेस नेतृत्व से संपर्क कर अजित पवार के पुराने संबंधों का हवाला दिया।


अजित पवार का निधन

दुर्घटना में हुआ था निधन

अजित पवार का 28 जनवरी को निधन हो गया था। बारामती हवाई अड्डे पर उतरने के दौरान उनका चार्टर्ड विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। बारामती सीट लंबे समय से पवार परिवार का मजबूत गढ़ रही है। 1991 के उपचुनाव से लेकर अपने निधन तक यह सीट अजित पवार के पास रही। उससे पहले 1967 से यह सीट शरद पवार के पास थी। कांग्रेस के इस फैसले के बाद अब बारामती उपचुनाव में मुकाबला खत्म होता दिख रहा है। ऐसे में सुनेत्रा पवार का निर्विरोध चुना जाना लगभग तय माना जा रहा है।