बिहार में नीतीश कुमार की राजनीतिक स्थिति और समृद्धि यात्रा की तैयारी
नीतीश कुमार की राजनीतिक स्थिति
बिहार में भाजपा और जनता दल यू के बीच एक दिलचस्प राजनीतिक खेल चल रहा है। भाजपा की कोशिश है कि नीतीश कुमार जल्द से जल्द रिटायर हों और वे मुख्यमंत्री बन सकें। दूसरी ओर, जनता दल यू के नेता नीतीश को मुख्यमंत्री बनाए रखने के लिए प्रयासरत हैं। नीतीश कुमार के चारों ओर एक ऐसा इकोसिस्टम बना हुआ है, जो उन्हें हटाने के खिलाफ है। इसमें बिहार के पूर्व मुख्य सचिव और नीतीश के सलाहकार दीपक कुमार शामिल हैं, साथ ही पूर्व आईएएस अधिकारी मनीष वर्मा भी हैं, जिन्हें नीतीश का संभावित उत्तराधिकारी माना जाता है। इसके अलावा, पार्टी के अन्य नेता जैसे संजय गांधी और ललन सर्राफ भी इस इकोसिस्टम का हिस्सा हैं।
नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा
नीतीश कुमार की सुरक्षा में पिछले तीन दशकों से तैनात हरेंद्र सिंह भी इस इकोसिस्टम का हिस्सा हैं। इसके अलावा, कुछ अन्य लोग भी हैं जो आमतौर पर अदृश्य रहते हैं। इन सभी का उद्देश्य नीतीश को मुख्यमंत्री बनाए रखना है। अगर सत्ता का हस्तांतरण होता है, तो नीतीश के बेटे निशांत को कमान सौंपने की कोशिश की जा रही है। यदि नीतीश या उनके बेटे को मुख्यमंत्री बनाया जाता है, तो इन सभी की एक, अणे मार्ग में उपस्थिति बनी रहेगी।
इस संदर्भ में, नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा 16 जनवरी से शुरू होने वाली है। यह यात्रा पश्चिम चंपारण से प्रारंभ होगी, जिसमें मुख्यमंत्री राज्य के विभिन्न हिस्सों में जाकर अधिकारियों, नेताओं और जनता से संवाद करेंगे। हालांकि, इस यात्रा में जोखिम भी है, क्योंकि नीतीश की शारीरिक और मानसिक स्थिति ऐसी है कि वे किसी भी समय विवादित स्थिति में आ सकते हैं। हाल ही में एक मुस्लिम महिला से हिजाब खींचने की घटना ने पार्टी के बड़े नेताओं को परेशानी में डाल दिया था। इसलिए, यात्रा के दौरान उनकी मुलाकातों को बहुत सावधानी से प्रबंधित किया जाएगा।
