Newzfatafatlogo

बिहार में राज्यसभा चुनाव: एनडीए की चार सीटें तय, महागठबंधन की चुनौती

बिहार में राज्यसभा की पांच सीटें खाली हो रही हैं, जिनमें से चार पर एनडीए की जीत तय है। महागठबंधन ने भी पांचवीं सीट के लिए उम्मीदवार उतारने की तैयारी शुरू कर दी है। राजद के दो सांसद रिटायर हो रहे हैं, और यदि ओवैसी की पार्टी का समर्थन मिलता है, तो महागठबंधन को भी मौका मिल सकता है। जानकार सूत्रों के अनुसार, प्रेमचंद गुप्ता झारखंड से राज्यसभा में जाने की संभावना पर विचार कर रहे हैं। जानें पूरी स्थिति और संभावनाएं।
 | 
बिहार में राज्यसभा चुनाव: एनडीए की चार सीटें तय, महागठबंधन की चुनौती

बिहार में राज्यसभा की सीटों का मामला

बिहार में राज्यसभा की पांच सीटें खाली होने जा रही हैं, जिनमें से चार सीटों पर एनडीए की जीत लगभग सुनिश्चित है। इनमें से भाजपा को दो और जनता दल यू को दो सीटें मिलेंगी। हालांकि, पांचवीं सीट पर चुनाव की संभावना बनी हुई है। राष्ट्रीय लोक मोर्चा के नेता उपेंद्र कुशवाहा का कहना है कि महागठबंधन के पास संख्या बल नहीं होने के कारण वे उम्मीदवार नहीं उतारेंगे। फिर भी, महागठबंधन ने उम्मीदवार उतारने की तैयारी शुरू कर दी है।


महागठबंधन का नेतृत्व कर रही राजद के दो सांसद, प्रेमचंद गुप्ता और अमरेंद्र धारी सिंह, रिटायर हो रहे हैं। प्रेमचंद गुप्ता पिछले 30 वर्षों से राज्यसभा में हैं, जबकि अमरेंद्र धारी सिंह 2020 में ए टू जेड समीकरण के तहत राज्यसभा पहुंचे थे। यदि ओवैसी की पार्टी के पांच सदस्य महागठबंधन का समर्थन करते हैं और महागठबंधन एकजुट रहता है, तो पांचवीं सीट महागठबंधन के खाते में जा सकती है।


हालांकि, जानकार सूत्रों का कहना है कि प्रेमचंद गुप्ता बिहार से चुनाव लड़ने का जोखिम नहीं उठाएंगे और वे झारखंड जा सकते हैं, जहां पहले भी वे राज्यसभा में रह चुके हैं। झारखंड में जेएमएम के नेतृत्व वाले गठबंधन को 56 विधायकों का समर्थन प्राप्त है, और दोनों सीटें जीतने के लिए उतने ही वोट की आवश्यकता है। कांग्रेस पिछले तीन चुनावों से एक सीट की मांग कर रही है, लेकिन हेमंत सोरेन ने अभी तक सीट नहीं दी है। इस बार भी कांग्रेस अपने उम्मीदवार के लिए अड़ी हुई है।