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बिहार सरकार की गन्ना यंत्रीकरण योजना: किसानों को मिलेगी भारी सब्सिडी

बिहार सरकार ने गन्ना यंत्रीकरण योजना के तहत 154 किसानों का चयन किया है, जो 60% तक की सब्सिडी प्राप्त करेंगे। यह योजना किसानों को महंगे कृषि यंत्र खरीदने में मदद करेगी, जिससे उनकी आय में सुधार होगा। योजना के तहत विभिन्न आधुनिक मशीनों की खरीद की जा सकेगी, और सब्सिडी सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजी जाएगी। जानें इस योजना के तहत उपलब्ध मशीनों और समय सीमा के बारे में अधिक जानकारी।
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बिहार सरकार की गन्ना यंत्रीकरण योजना: किसानों को मिलेगी भारी सब्सिडी

बिहार में गन्ना यंत्रीकरण योजना का लाभ

बिहार सरकार ने गन्ना यंत्रीकरण योजना के तहत 154 किसानों का चयन किया है, जिन्हें कृषि यंत्रों पर 60 प्रतिशत तक की सब्सिडी मिलेगी। मशीन खरीदने की अंतिम तिथि 18 जनवरी 2026 निर्धारित की गई है।


किसानों के लिए एक नई पहल

पटना। बिहार में गन्ने की खेती करने वाले किसानों के लिए राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण योजना की घोषणा की है। इस योजना के तहत, सरकार ने गन्ना यंत्रीकरण के लिए अनुदान की पेशकश की है, जिससे किसानों को महंगे कृषि यंत्र खरीदने में मदद मिलेगी। यह कदम किसानों की आय में सुधार और खेती की लागत को कम करने में सहायक होगा।


तीसरे चरण में चयनित किसान

गन्ना उद्योग विभाग ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए तीसरे रैंडमाइजेशन की प्रक्रिया पूरी कर ली है। इस प्रक्रिया में कुल 154 किसानों का चयन किया गया है, जिन्हें 9 विभिन्न प्रकार के अत्याधुनिक कृषि यंत्रों पर सब्सिडी का लाभ मिलेगा। विभाग का मानना है कि मशीनीकरण से गन्ने की उत्पादकता में वृद्धि होगी और श्रम लागत में कमी आएगी।


खेती में बदलाव लाने वाले यंत्र

खेती में मशीनों का उपयोग अब आवश्यक हो गया है। सरकार द्वारा सब्सिडी दी जा रही मशीनें खेती के विभिन्न चरणों में सहायक होंगी। चयनित किसान निम्नलिखित मशीनों को खरीद सकते हैं:


मशीनों की सूची

  • मिनी ट्रैक्टर (4WD): छोटे खेतों की जुताई के लिए उपयुक्त।
  • रोटावेटर: मिट्टी को भुरभुरा बनाने में सहायक।
  • लेजर लेवलर और लैंड लेवलर: खेत को समतल करने के लिए, जिससे पानी की बचत हो सके।
  • पावर टिलर और पावर वीडर: निराई गुड़ाई के कार्य को सरल बनाते हैं।
  • रैटून मैनेजमेंट डिवाइस: गन्ने की दूसरी फसल के प्रबंधन में सहायक।
  • हाइड्रॉलिक स्प्रेयर: दवा छिड़काव के लिए ट्रैक्टर माउंटेड मशीन।
  • डिस्क हैरो: मिट्टी पलटने और तैयार करने के लिए।


सीधे खाते में आएगी सब्सिडी

सरकार ने सब्सिडी प्रक्रिया को पारदर्शी रखा है। चयनित किसानों को पहले अपनी पसंद के अधिकृत विक्रेता से मशीन की पूरी कीमत चुकानी होगी। यह खरीद 'SuMech' पोर्टल पर रजिस्टर्ड डीलरों से करनी होगी। मशीन घर लाने के बाद विभाग के अधिकारी उसका सत्यापन करेंगे। यदि सब कुछ सही पाया गया, तो अनुदान की राशि सीधे किसान के बैंक खाते में भेजी जाएगी।


महत्वपूर्ण समय सीमा

किसानों को ध्यान देना होगा कि समय सीमित है। विभाग द्वारा जारी स्वीकृति पत्र की वैधता केवल 18 जनवरी 2026 तक है। इसका मतलब है कि चयनित किसानों को इस तारीख से पहले यंत्र खरीदना अनिवार्य है। यदि कोई किसान इस समय सीमा में मशीन नहीं खरीदता है, तो उसका स्वीकृति पत्र रद्द हो जाएगा।


विशेषज्ञों की सलाह

कृषि वैज्ञानिकों का मानना है कि बिहार में गन्ने की खेती में अपार संभावनाएं हैं। पारंपरिक तरीकों से खेती करने पर लागत अधिक आती है और मुनाफा कम होता है। रैटून मैनेजमेंट डिवाइस और लेजर लेवलर जैसे यंत्रों के उपयोग से पानी और खाद की बचत होती है, जिससे शुद्ध मुनाफे में 20 से 30 प्रतिशत तक की वृद्धि हो सकती है।


सहायता के लिए संपर्क करें

यदि किसी किसान को मशीन खरीदने या आवेदन से संबंधित कोई समस्या आ रही है, तो वह गन्ना उद्योग विभाग की हेल्पलाइन नंबर 0612 2215788 पर संपर्क कर सकता है। यह सेवा छुट्टी के दिनों को छोड़कर सुबह 9:30 बजे से शाम 6 बजे तक उपलब्ध रहेगी।