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बीएमसी चुनाव के लिए उद्धव और राज ठाकरे का साझा घोषणापत्र

महाराष्ट्र में बीएमसी चुनाव 15 जनवरी को होने वाले हैं, जिसमें उद्धव और राज ठाकरे ने एक साथ मिलकर साझा घोषणापत्र जारी किया है। यह पहली बार है जब दोनों भाई एक साथ चुनावी मैदान में हैं। उद्धव ने महायुति पर निशाना साधते हुए लोकतंत्र पर भीड़तंत्र के कब्जे का आरोप लगाया। वहीं, मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस ने मुंबई को एक मराठी हिंदू मेयर देने का वादा किया है। जानें इस चुनाव की महत्वपूर्ण बातें और दोनों नेताओं की रणनीतियाँ।
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बीएमसी चुनाव के लिए उद्धव और राज ठाकरे का साझा घोषणापत्र

बीएमसी चुनाव की तैयारी

मुंबई। महाराष्ट्र में बृहन्नमुंबई महानगर निगम (बीएमसी) के चुनाव 15 जनवरी को आयोजित होने वाले हैं। इससे पहले, रविवार, चार जनवरी को उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे ने बीएमसी चुनाव के लिए एक संयुक्त घोषणापत्र जारी किया। यह पहली बार है कि राज ठाकरे 20 साल बाद शिव सेना भवन में पहुंचे हैं, जब उन्होंने शिव सेना से अलग होकर महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना का गठन किया था।


भाईयों का एकजुट होना

यह ध्यान देने योग्य है कि आठ साल बाद दोनों भाई एक साथ बीएमसी चुनाव में उतर रहे हैं। उद्धव ठाकरे की शिव सेना और राज ठाकरे की मनसे मिलकर चुनाव लड़ेंगे। उद्धव ने इस बार कांग्रेस और शरद पवार की एनसीपी के साथ कोई तालमेल नहीं किया है। पहले, उन्होंने एक साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह दावा किया था कि मराठी मानुष मुंबई का मेयर बनेगा।


उद्धव ठाकरे का बयान

घोषणापत्र जारी करते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि महायुति पहले वोट चुराती थी, लेकिन अब उम्मीदवार चुरा रही है। उन्होंने यह भी कहा, ‘देश में ऐसा माहौल बन गया है जैसे लोकतंत्र पर भीड़तंत्र का कब्जा हो’। दरअसल, भाजपा के नेतृत्व वाली महायुति के 68 उम्मीदवार निर्विरोध जीते हैं, जिस पर उद्धव ने निशाना साधा।


मुख्यमंत्री का बयान

वहीं, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस ने भी कहा कि निगम चुनाव के बाद मुंबई को एक मराठी हिंदू मेयर मिलेगा। वर्ली में एक रैली के दौरान उन्होंने कहा कि बांग्लादेशी घुसपैठियों की पहचान कर उन्हें देश से बाहर निकाला जाएगा। फड़नवीस ने यह भी कहा कि, ‘हम सुनिश्चित करेंगे कि मुंबई को एक ऐसा मेयर मिले जो मराठी और हिंदू हो’। मुख्यमंत्री ने भाषा विवाद की आलोचना करते हुए कहा कि कोई भी मुंबई को राज्य के अन्य हिस्सों से अलग नहीं कर सकता और मुंबईकर विकास चाहते हैं। उन्होंने कहा कि यह चुनाव मुंबई और उसके लोगों के लिए है, जो जागरूक हो गए हैं और प्रगति की चाह रखते हैं।