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बीएसएनएल अधिकारी विवेक बंजाल के शाही प्रोटोकॉल पर मचा हंगामा: क्या है पूरा मामला?

बीएसएनएल के वरिष्ठ अधिकारी विवेक बंजाल के लिए जारी शाही प्रोटोकॉल ने प्रशासनिक गलियारों में हलचल मचा दी है। प्रयागराज में उनके प्रस्तावित दौरे के लिए किए गए भव्य इंतजामों ने संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की कड़ी प्रतिक्रिया को जन्म दिया। इस विवाद में विशेष 'स्नान किट' की मांग और सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग के आरोप शामिल हैं। जानें इस मामले की पूरी कहानी और इसके पीछे की सच्चाई।
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बीएसएनएल अधिकारी विवेक बंजाल के शाही प्रोटोकॉल पर मचा हंगामा: क्या है पूरा मामला?

नई दिल्ली में विवाद का जन्म


नई दिल्ली : सरकारी टेलीकॉम कंपनी बीएसएनएल के एक वरिष्ठ अधिकारी के लिए जारी किए गए भव्य प्रोटोकॉल ने प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी है। प्रयागराज में निदेशक विवेक बंजाल के लिए संगम स्नान और धार्मिक यात्रा के लिए किए गए भव्य इंतजामों का पत्र वायरल होने के बाद संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इसे पूरी तरह से अस्वीकार्य और चौंकाने वाला बताया है। यह घटना सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग को उजागर करती है और यह दर्शाती है कि कुछ अधिकारी सार्वजनिक सेवा की मर्यादा के विपरीत विलासिता की अपेक्षा रखते हैं।


प्रयागराज यात्रा का विवादित आदेश

विवेक बंजाल का 25-26 फरवरी को प्रयागराज जाने का कार्यक्रम था, जिसके लिए स्थानीय कार्यालय ने एक विस्तृत प्रोटोकॉल जारी किया था। इस आदेश में लगभग 50 अधिकारियों को केवल निदेशक की व्यक्तिगत सुख-सुविधाओं का ध्यान रखने के लिए तैनात किया गया था। संगम में नाव की सवारी, अक्षयवट के दर्शन और पातालपुरी मंदिर के भ्रमण के लिए अलग-अलग टीमें बनाई गई थीं। जैसे ही यह पत्र सार्वजनिक हुआ, विभाग में भारी असंतोष फैल गया और अंततः इस दौरे को रद्द करना पड़ा।


विशेष 'स्नान किट' पर विवाद

संगम स्नान के लिए मंगवाई गई विशेष 'स्नान किट' को लेकर सबसे अधिक विवाद उत्पन्न हुआ। इस किट में तौलिया, चप्पल, कंघी और आईने जैसी वस्तुओं के साथ-साथ अंतःवस्त्रों तक की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए थे। इसके अलावा घाट पर विशेष बेडशीट और उनके कमरे में महंगे ड्राई फ्रूट्स, शेविंग किट और हेयर ऑयल रखने की जिम्मेदारी कनिष्ठ अधिकारियों को सौंपी गई थी। इन विलासिता पूर्ण मांगों ने सरकारी सेवा की शुचिता और पेशेवर नैतिकता को गंभीर रूप से शर्मसार कर दिया है।


संचार मंत्री की सख्त चेतावनी

इस प्रोटोकॉल के वायरल होने के बाद केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इसे 'चौंकाने वाला और अनुचित' करार दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसी व्यवस्थाएं किसी भी सरकारी मानक या प्रोटोकॉल का हिस्सा नहीं हो सकतीं। मंत्री के कड़े रुख के बाद विवेक बंजाल का प्रस्तावित दौरा तुरंत प्रभाव से रद्द कर दिया गया। सिंधिया ने इस मामले की गहन जांच करने और दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का आदेश दिया है, ताकि भविष्य में सरकारी संसाधनों की ऐसी अनैतिक फिजूलखर्ची पर रोक लग सके।


बंजाल को कारण बताओ नोटिस

मामला बढ़ने पर बीएसएनएल प्रबंधन ने भी अपनी ओर से कड़ी सफाई पेश की है। कंपनी के प्रवक्ता ने कहा कि यह आदेश प्रोफेशनल मानकों और मूल्यों के अनुकूल नहीं था। विवेक बंजाल को 'कारण बताओ नोटिस' जारी कर सात दिनों के भीतर लिखित जवाब मांगा गया है। विभाग के अनुसार, यह कृत्य सरकारी संसाधनों का घोर दुरुपयोग है और संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इस घटना से सरकारी कंपनी की सार्वजनिक छवि को गहरा आघात पहुँचा है, जिसे सुधारना अब बड़ी चुनौती है।


विवेक बंजाल का करियर

विवेक बंजाल 1987 बैच के भारतीय दूरसंचार सेवा के एक वरिष्ठ अधिकारी हैं। उनके पास इंजीनियरिंग और एमबीए जैसी उच्च शैक्षणिक योग्यताएं हैं और वे देश के विशाल टेलीकॉम नेटवर्क को संभालने का 34 वर्षों का अनुभव रखते हैं। लेकिन इस प्रोटोकॉल विवाद ने उनके लंबे करियर पर एक बड़ा दाग लगा दिया है। यह प्रकरण अब देशभर में प्रशासनिक जवाबदेही और सरकारी धन के सदुपयोग को लेकर एक बड़ी बहस का विषय बन गया है, जिसे कतई अनदेखा नहीं किया जा सकता।