बुरहानपुर के गांव में गाली-गलौज पर जुर्माना, सफाई की सजा
गाली-गलौज पर सख्त नियम
मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले के बोरसर गांव में एक अनोखा नियम लागू किया गया है। इस नियम के तहत, अपशब्दों का प्रयोग करने पर 500 रुपए का जुर्माना या एक घंटे की सफाई की सजा दी जाएगी। ग्राम पंचायत ने सर्वसम्मति से इस प्रस्ताव को पारित किया है। गांव में इस नियम की जानकारी देने वाले पोस्टर भी लगाए गए हैं। इस पहल का मुख्य उद्देश्य गांव में लोगों के व्यवहार को सुधारना और विवादों को कम करना है।
उप सरपंच विनोद शिंदे ने बताया कि इस पहल के माध्यम से गाली-गलौज को रोकने का प्रयास किया गया है। पहले गांव में बच्चे और बड़े सभी अपशब्दों का इस्तेमाल करते थे, लेकिन अब इस नियम के लागू होने से स्थिति में सुधार आया है।
उन्होंने कहा कि इस पहल का सकारात्मक प्रभाव देखने को मिला है और लोग अब अपशब्दों का प्रयोग करने से बच रहे हैं। आसपास के गांवों के लोग भी इस पहल का स्वागत कर रहे हैं।
एक स्थानीय निवासी जयश्री ने कहा कि अब कोई भी गाली-गलौज नहीं कर रहा है, और जो ऐसा करता है, उसे जुर्माना भरना पड़ता है। इस नियम के कारण लोग अब ऐसी भाषा का प्रयोग नहीं करते। पहले बच्चे गाली-गलौज करते थे, लेकिन अब वे इसकी गंभीरता को समझने लगे हैं।
युवक अश्विन पाटिल ने बताया कि उन्होंने 'गाली मुक्त गांव' नामक पहल शुरू की है, जिससे वे मध्य प्रदेश का पहला ऐसा गांव बन गए हैं। इस पहल के तहत, गाली-गलौज करने पर 500 रुपए का जुर्माना या एक घंटे की सफाई की सजा दी जाती है। यह विचार तब आया जब उन्होंने देखा कि युवा बिना समझे गाली-गलौज कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि यह विचार सरपंच और उप-सरपंच के साथ चर्चा के बाद लिया गया था। सभी गांव वालों ने इस पहल के लिए एक शपथ ली है और पंचायत की ओर से एक पत्र भी जारी किया गया है।
