बॉम्बे हाई कोर्ट ने मालेगांव बम धमाका मामले में चार आरोपियों को बरी किया
बॉम्बे हाई कोर्ट का महत्वपूर्ण निर्णय
मुंबई: मालेगांव बम धमाके के मामले में बॉम्बे हाई कोर्ट ने चार आरोपियों को बरी करने का निर्णय सुनाया है। अदालत ने लोकेश शर्मा, धन सिंह, राजेंद्र चौधरी और मनोहर नरवरिया को सभी आरोपों से निर्दोष ठहराया। इस मामले में मस्जिद के निकट हुए सीरियल धमाकों में 37 लोगों की जान गई थी।
विशेष अदालत द्वारा पहले की गई बरी
इससे पहले, विशेष राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की अदालत ने 2008 के मालेगांव विस्फोट मामले में सात अन्य आरोपियों को भी बरी किया था। इनमें पूर्व सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर, सेवानिवृत्त मेजर रमेश उपाध्याय, सुधाकर चतुर्वेदी, अजय राहिरकर, सुधाकर धर द्विवेदी और समीर कुलकर्णी शामिल थे। अदालत ने पर्याप्त साक्ष्यों की कमी के कारण गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA), शस्त्र अधिनियम और भारतीय दंड संहिता (IPC) के तहत सभी आरोप हटा दिए थे।
धमाके की घटना का विवरण
यह घटना 29 सितंबर 2008 को महाराष्ट्र के नासिक जिले के मालेगांव में भिक्कू चौक के पास एक मोटरसाइकिल में विस्फोट के रूप में हुई थी। यह रमज़ान के महीने और नवरात्रि से ठीक पहले की घटना थी, जिसमें कई लोगों की जान गई और 100 से अधिक लोग घायल हुए। मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष ने 323 गवाहों को पेश किया, जिनमें से 34 गवाह अपने बयान से मुकर गए, जिससे अभियोजन का मामला कमजोर पड़ गया।
जांच की प्रक्रिया
इस मामले की प्रारंभिक जांच महाराष्ट्र आतंकवाद निरोधक दस्ता (ATS) ने की थी, जिसे बाद में 2011 में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंप दिया गया। NIA ने 2016 में पूरक चार्जशीट दाखिल करते हुए कुछ आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त सबूत न होने की बात कही थी, जिसके आधार पर कई आरोप हटा दिए गए थे।
