ब्रिटेन में 43 वर्षीय व्यक्ति ने जानबूझकर 7 लोगों को HIV एड्स से संक्रमित किया
खौफनाक मामला सामने आया
नई दिल्ली: आमतौर पर जब किसी व्यक्ति को एचआईवी एड्स जैसी गंभीर बीमारी होती है, तो वह इसे फैलने से रोकने की हर संभव कोशिश करता है। लेकिन ब्रिटेन से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने मानवता को शर्मसार कर दिया है। यहां एक 43 वर्षीय व्यक्ति को जानबूझकर 7 लोगों को एड्स से संक्रमित करने के आरोप में दोषी ठहराया गया है। इस व्यक्ति की दरिंदगी सुनकर अदालत में मौजूद सभी लोग दंग रह गए।
कमजोर युवाओं को बनाया शिकार
न्यूकैसल क्राउन कोर्ट ने आरोपी एडम हिल को 2016 से 2023 के बीच 7 लोगों को इस लाइलाज बीमारी से संक्रमित करने का दोषी पाया है। इनमें से चार पीड़ितों के साथ उसने बलात्कार भी किया। अदालत में सुनवाई के दौरान बताया गया कि एडम को 2010 में ही अपने एचआईवी संक्रमित होने का पता चला था। डॉक्टरों ने उसे कई बार इलाज कराने और संक्रमण फैलने के खतरे के बारे में चेतावनी दी थी, लेकिन उसने जानबूझकर अपनी दवाइयां लेना बंद कर दिया ताकि दूसरों को संक्रमित कर सके। अभियोजकों के अनुसार, एडम ने चालाकी से कमजोर युवा पुरुषों और कुछ नाबालिगों को अपना शिकार बनाया और उन्हें बताया कि उसकी बीमारी पूरी तरह से नियंत्रण में है।
पीड़ितों का दर्द अदालत में बयां हुआ
इस मामले की सुनवाई के दौरान जब पीड़ितों ने गवाही दी, तो उनका दर्द स्पष्ट रूप से सामने आया। एक पीड़ित ने कहा कि वह खुद को अमानवीय तरीके से अपमानित महसूस करता है और हर दिन इस गहरे आघात से जूझ रहा है। दूसरे पीड़ित ने कहा कि उसका भविष्य हमेशा के लिए बदल गया है और सब कुछ बर्बाद हो गया है। तीसरे पीड़ित ने कहा कि उसे जानबूझकर नुकसान पहुंचाया गया है।
जज ने सुनाई 23 साल की सजा
सभी दलीलों को सुनने के बाद जज एडवर्ड बिंडलोस ने एडम हिल को एक बेहद खतरनाक अपराधी करार दिया। जज ने कहा कि आरोपी ने जानबूझकर इन लोगों को एक स्थायी और अपरिवर्तनीय बीमारी दी है, जिससे उनका भविष्य छिन गया है। हैरानी की बात यह है कि एडम अपनी सजा सुनाए जाने के दौरान अदालत में उपस्थित नहीं था और जेल की कोठरी में ही बैठा रहा। न्यायाधीश ने इसे उसके उदासीन और क्रूर रवैये के रूप में देखा। इसके बाद कोर्ट ने उसे कम से कम 23 साल की सजा सुनाई। इसके साथ ही उस पर ड्रग्स सप्लाई करने का भी आरोप था, जिसमें भी उसे सजा दी गई है।
