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ब्रिटेन में गुरुद्वारे के बाहर मांस फेंकने वाले आरोपी की गिरफ्तारी

ब्रिटेन के वेस्ट ब्रॉमविच में गुरु नानक गुरुद्वारा साहिब के बाहर कच्चा मांस फेंकने के आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। 42 वर्षीय टॉमाज ब्रुच पर यह आरोप है कि उसने जानबूझकर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर उसकी पहचान की और उसे रिमांड पर भेज दिया। सांसद सारा कूम्ब्स ने इस मुद्दे को संसद में उठाया, जिसके बाद जांच की गति तेज हुई। समुदाय ने आरोपी को सख्त सजा देने की मांग की है।
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ब्रिटेन में गुरुद्वारे के बाहर मांस फेंकने वाले आरोपी की गिरफ्तारी

गुरुद्वारे की पवित्रता भंग करने वाले आरोपी की गिरफ्तारी

लंदन/वेस्ट ब्रॉमविच: ब्रिटेन के वेस्ट ब्रॉमविच में स्थित गुरु नानक गुरुद्वारा साहिब की पवित्रता को भंग करने के आरोप में पुलिस ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। 42 वर्षीय टॉमाज ब्रुच पर आरोप है कि उसने जानबूझकर गुरुद्वारे के बाहर कच्चा मांस फेंका। पुलिस ने इसे 'हेट क्राइम' के रूप में वर्गीकृत किया है। यह कार्रवाई तब हुई जब स्थानीय सांसद सारा कूम्ब्स ने इस संवेदनशील मुद्दे को ब्रिटिश संसद में उठाया।


सीसीटीवी फुटेज से मिली पहचान


पुलिस ने अपनी जांच सीसीटीवी कैमरों की फुटेज से शुरू की, जिसमें आरोपी स्पष्ट रूप से मांस का थैला निकालकर गुरुद्वारे के गेट पर फेंकते हुए दिखाई दिया। इसी वीडियो के आधार पर पुलिस ने टॉमाज ब्रुच की पहचान की और उसे गिरफ्तार किया। जांच में यह भी पता चला कि आरोपी का कोई स्थायी पता नहीं है। गिरफ्तारी के बाद उसे अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे रिमांड पर भेज दिया गया है। अगली सुनवाई वूल्वर हैम्पटन मजिस्ट्रेट्स कोर्ट में होगी।


घटना की तिथि और सांसद का हस्तक्षेप


यह घटना 22 दिसंबर 2025 को हुई थी। गुरुद्वारा प्रबंधन ने तुरंत पुलिस को सूचित किया। हालांकि, जांच की गति तब तेज हुई जब सांसद सारा कूम्ब्स ने 8 जनवरी 2026 को संसद में इस मुद्दे पर बहस की। उन्होंने इसे 'सिखों के खिलाफ नफरत से प्रेरित एक भयानक घटना' बताया। सांसद ने कहा कि यह कृत्य किसी भी सभ्य समाज में अस्वीकार्य है।


सांसद की प्रतिक्रिया और समुदाय की मांग


आरोपी की गिरफ्तारी की खबर पर सांसद सारा कूम्ब्स ने अपने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा कर खुशी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि किसी भी धर्म के प्रति नफरत बर्दाश्त नहीं की जाएगी और उन्हें उम्मीद है कि आरोपी को उचित सजा मिलेगी। ब्रिटेन के हिंदू और सिख संगठनों ने भी पुलिस की कार्रवाई का स्वागत किया है और मांग की है कि धार्मिक स्थलों को निशाना बनाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। पुलिस ने समुदाय को आश्वासन दिया है कि नफरत फैलाने वाले अपराधियों को न्याय के कटघरे में लाया जाएगा।