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भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन का मल्लिकार्जुन खड़गे पर तीखा हमला

भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे पर तीखा हमला किया है, उन्हें समाज में जहर घोलने का आरोप लगाया। नवीन ने खड़गे के बयानों को गांधी परिवार से जोड़ते हुए कहा कि ऐसे शब्दों का प्रयोग समाज पर नकारात्मक प्रभाव डालता है। उन्होंने गुजरात की महत्ता और राजनीति में भाषा की मर्यादा पर भी अपने विचार रखे। जानें पूरी खबर में और क्या कहा नितिन नवीन ने।
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भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन का मल्लिकार्जुन खड़गे पर तीखा हमला

खड़गे के बयान पर नितिन नवीन की प्रतिक्रिया


भाजपा के अध्यक्ष नितिन नवीन ने कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे पर तीखा हमला किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का यह पुराना रवैया है कि वह ऐसे शब्दों का प्रयोग करती है जो समाज में नकारात्मक प्रभाव डालते हैं। ऐसे बयानों के परिणामस्वरूप जनता भाजपा को समर्थन देती है।


नवीन ने खड़गे के बयान को गांधी परिवार से जोड़ते हुए कहा कि राहुल और सोनिया गांधी पार्टी को रिमोट कंट्रोल से चलाते हैं और खड़गे उनके निर्देशों के अनुसार बोलते हैं। खड़गे ने हाल ही में असम में एक रैली में कहा था कि यदि नमाज के दौरान जहरीला सांप आ जाए, तो उसे मारना चाहिए।


नवीन ने कहा कि खड़गे की यह टिप्पणी सांप्रदायिकता को भड़काने का प्रयास है और यह सस्ती मानसिकता को दर्शाती है।


गुजरात की महत्ता पर नितिन नवीन की टिप्पणी

नितिन नवीन ने खड़गे के उस बयान की भी आलोचना की, जिसमें उन्होंने केरल और गुजरात के लोगों की तुलना की थी। खड़गे ने कहा था कि केरल के लोग अधिक शिक्षित हैं और उन्हें गुमराह नहीं किया जा सकता, जबकि गुजरात के लोग आसानी से गुमराह हो जाते हैं। नवीन ने कहा कि गुजरात महात्मा गांधी और सरदार पटेल की भूमि है और वर्तमान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश को आगे बढ़ा रहे हैं।


राजनीति में भाषा की मर्यादा

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा और कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के बीच विवाद पर नवीन ने कहा कि पासपोर्ट के मुद्दे पर जिस तरह से शब्दों का उपयोग किया गया है, उसकी सच्चाई भविष्य में सामने आएगी। उन्होंने यह भी कहा कि राजनीति में भाषा की मर्यादा का पालन होना चाहिए।


ममता बनर्जी पर नितिन नवीन की टिप्पणी

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर नवीन ने कहा कि अब राज्य की जनता की चिंता भाजपा करेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि ममता केवल बांग्लादेशियों के हितों की रक्षा कर रही हैं, जबकि आम जनता की अनदेखी की जा रही है।