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भाजपा का मुंबई में मेयर बनने का सपना: बीएमसी चुनाव परिणाम

मुंबई में बीएमसी चुनाव परिणामों के अनुसार, भाजपा गठबंधन ने 227 में से 118 सीटों पर बढ़त बनाई है, जिससे पार्टी पहली बार मेयर बनने की स्थिति में है। इस लेख में मेयर चुनाव प्रक्रिया, मेयर की शक्तियाँ और शिवसेना का शासनकाल पर चर्चा की गई है। जानें कैसे भाजपा ने इस चुनाव में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है।
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भाजपा का मुंबई में मेयर बनने का सपना: बीएमसी चुनाव परिणाम

भाजपा गठबंधन की बढ़त


227 सीटों में से 118 पर भाजपा की बढ़त


मुंबई में बीएमसी चुनाव परिणामों के अनुसार, भाजपा गठबंधन ने 227 में से 118 सीटों पर बढ़त बनाई है। भाजपा 90 सीटों पर और शिवसेना (शिंदे) 28 सीटों पर आगे चल रही है। यह पहली बार है जब भाजपा मुंबई में मेयर बनने की स्थिति में है, जबकि पहले कांग्रेस और शिवसेना का इस पर कब्जा रहा है।


मेयर का चुनाव प्रक्रिया

बीएमसी में कुल 227 पार्षद होते हैं, जिन्हें नगर सेवक या कॉरपोरेटर कहा जाता है। जिस पार्टी के पास बहुमत होता है, वही मेयर पद के लिए प्रमुख दावेदार होती है। मेयर का कार्यकाल 2.5 साल का होता है, जबकि पार्षद 5 साल के लिए चुने जाते हैं।


मेयर की शक्तियाँ

बीएमसी में मेयर और कमिश्नर दो प्रमुख पद होते हैं। मेयर नगर निगम की बैठकों की अध्यक्षता करते हैं और शहर का औपचारिक प्रतिनिधित्व करते हैं। जबकि कमिश्नर प्रशासनिक कार्यों की जिम्मेदारी संभालते हैं।


शिवसेना का शासन

1997 से 2017 तक शिवसेना ने बीएमसी पर शासन किया, जबकि भाजपा उसकी सहयोगी थी। बीएमसी का बजट 74,000 करोड़ रुपये है, जो कई राज्यों के बजट से भी बड़ा है।


किशोरी पेडनेकर का कार्यकाल

शिवसेना की किशोरी पेडनेकर ने 22 नवंबर 2019 से 8 मार्च 2022 तक मुंबई की मेयर के रूप में कार्य किया। उनके बाद से यह पद खाली था और नगर आयुक्त प्रशासन की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।