भाजपा ने अनुशासनहीनता के आरोप में 58 पदाधिकारियों को निष्कासित किया
मुंबई में भाजपा का सख्त कदम
मुंबई: महाराष्ट्र में 15 जनवरी को होने वाले नगर निगम चुनावों से पहले, भारतीय जनता पार्टी ने अनुशासनहीनता के चलते 58 पदाधिकारियों को छह साल के लिए निष्कासित करने का निर्णय लिया है। यह कार्रवाई उस समय की गई है जब राज्य में महायुति और महाविकास अघाड़ी के बीच राजनीतिक तनाव बढ़ रहा है।
अनुशासन तोड़ने पर सख्त कार्रवाई
भाजपा ने उन नेताओं के खिलाफ यह कदम उठाया है, जिन्होंने पार्टी के अधिकृत उम्मीदवारों का विरोध किया या अन्य दलों के प्रत्याशियों का समर्थन किया। पार्टी के सूत्रों के अनुसार, इन गतिविधियों ने भाजपा की छवि को नुकसान पहुँचाया, जिसके कारण नेतृत्व ने तुरंत कड़ा निर्णय लिया और सभी पर छह साल का प्रतिबंध लगाया।
मुंबई और नागपुर के कार्यकर्ताओं का निष्कासन
निष्कासित नेताओं में मुंबई के 26 और नागपुर के 32 कार्यकर्ता शामिल हैं। मुंबई से दिव्या ढोले, नेहल अमर शाह, जान्हवी राणे, आसावरी पाटिल, मोहन अंबेकर और धनश्री बघेल जैसे नाम सामने आए हैं। नागपुर में यह कार्रवाई पूर्व महापौर के परिजनों और पूर्व पार्षदों तक भी पहुंची है। नागपुर भाजपा अध्यक्ष ने औपचारिक आदेश जारी किए हैं।
चुनावी माहौल में सियासी गर्मी
नगर निगम और स्थानीय निकाय चुनावों को लेकर राज्य में प्रतिस्पर्धा तेज हो गई है। महायुति और महाविकास अघाड़ी के घटक दल कई स्थानों पर अलग-अलग चुनाव लड़ रहे हैं, जबकि कुछ नए स्थानीय गठजोड़ भी बन रहे हैं। इस कारण से अंदरूनी असंतोष खुलकर सामने आ रहा है और पार्टियां अनुशासन पर विशेष ध्यान दे रही हैं।
मीरा-भायंदर के लिए विकास का वादा
इस बीच, भाजपा ने मीरा-भायंदर नगर निगम चुनाव के लिए अपना घोषणा पत्र जारी किया है, जिसमें 100 से अधिक कंक्रीट सड़कें बनाने, 300 बेड का सिविल अस्पताल स्थापित करने और प्रदूषण नियंत्रण जैसे वादे शामिल हैं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण ने इसे विकास का रोडमैप बताया है।
इंफ्रास्ट्रक्चर और सुविधाओं पर ध्यान
घोषणा पत्र में मेट्रो परियोजना को पूरा करने, 24 घंटे पानी की आपूर्ति, नए बस बेड़े, साझा रिक्शा व्यवस्था और आयुष्मान भारत केंद्र खोलने की योजनाओं का भी उल्लेख किया गया है। भाजपा का दावा है कि ट्रिपल इंजन सरकार से काम की गति तेज होगी।
