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भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता में ट्रंप का बड़ा बयान

भारत और अमेरिका के बीच व्यापार वार्ता के दौरान, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका अब भारत से अधिक लाभ कमा रहा है। उन्होंने भारत के साथ एक मजबूत व्यापार संधि की संभावना जताई और प्रधानमंत्री मोदी की प्रशंसा की। वार्ता में 99 प्रतिशत मुद्दे तय हो चुके हैं, लेकिन एक नई चुनौती भी सामने आई है, जिसमें अमेरिका ने कुछ देशों पर अतिरिक्त आयात शुल्क लगाने का प्रस्ताव रखा है। जानें इस महत्वपूर्ण वार्ता के बारे में और क्या हो सकता है आगे।
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भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता में ट्रंप का बड़ा बयान

ट्रंप का बयान और व्यापार वार्ता


नई दिल्ली। भारत और अमेरिका के बीच चार दिन की व्यापार वार्ता का कोई ठोस परिणाम नहीं निकला है, लेकिन इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक महत्वपूर्ण बयान दिया। उन्होंने कहा कि भारत ने अमेरिका पर उच्च टैरिफ लगाकर लाभ उठाया है, लेकिन अब अमेरिका भारत से अधिक लाभ कमा रहा है। ट्रंप ने यह भी कहा कि उनका देश भारत के साथ एक मजबूत व्यापार संधि करेगा। इसके साथ ही उन्होंने भारत की प्रशंसा करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनके अच्छे मित्र हैं।


एक जून को अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल भारत आया था और व्यापार संधि के लिए निर्धारित ढांचे के अनुसार वार्ता की गई। दोनों पक्षों ने कहा कि 99 प्रतिशत मुद्दे तय हो चुके हैं। ट्रंप ने कहा, 'भारत ने लंबे समय तक अमेरिका पर ऊंचे टैरिफ लगाए और इसका लाभ उठाया', और अब अमेरिका की स्थिति बदल गई है।


ट्रंप ने आगे कहा, 'अमेरिका और भारत के बीच जल्द ही एक बड़ा व्यापार समझौता हो सकता है, क्योंकि मैं मोदी को बहुत पसंद करता हूं। हमारे संबंध अच्छे हैं और हम एक-दूसरे को अच्छी तरह समझते हैं।' इस बयान से पहले, भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने कहा था कि दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते पर 99 प्रतिशत सहमति बन गई है। भारत के उद्योग और वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने भी इसी बात की पुष्टि की।


दोनों देश एक अस्थायी व्यापार समझौते पर सहमति बनाने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे व्यापार से जुड़े कुछ मुद्दों का शीघ्र समाधान किया जा सके। वाणिज्य मंत्रालय ने कहा कि जून के पहले सप्ताह में हुई बातचीत सकारात्मक रही है और दोनों देश ऐसा समझौता करना चाहते हैं, जिससे दोनों को लाभ हो।


हालांकि, बातचीत के दौरान एक नई चुनौती भी सामने आई है। अमेरिका ने कुछ देशों पर अतिरिक्त आयात शुल्क लगाने का प्रस्ताव रखा है, जिसमें भारत का नाम भी शामिल है। अमेरिका का कहना है कि ये देश जबरन मजदूरी से संबंधित मामलों को रोकने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठा रहे हैं। यदि यह प्रस्ताव लागू होता है, तो अमेरिका में भारतीय सामान पर 12.5 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क लग सकता है।