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भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर पीयूष गोयल का बयान

केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर चल रही अटकलों का खंडन किया है। उन्होंने कहा कि देश को अपनी स्थिति पर भरोसा रखना चाहिए। गोयल ने यह भी स्पष्ट किया कि व्यापार समझौतों पर बातचीत सार्वजनिक मंचों पर नहीं होती। अमेरिका के वाणिज्य सचिव के विवादास्पद बयान के बाद गोयल ने यह स्पष्टीकरण दिया। विदेश मंत्रालय ने भी इस मुद्दे पर अपनी स्थिति स्पष्ट की है।
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भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर पीयूष गोयल का बयान

भारत की स्थिति पर भरोसा रखने की अपील

नई दिल्ली: केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने रविवार को भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर चल रही अटकलों पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि देश को भारत की स्थिति और नीति पर विश्वास करना चाहिए, न कि किसी अन्य देश के बयानों पर।


विदेश मंत्रालय का स्पष्टीकरण

गोयल का यह बयान विदेश मंत्रालय द्वारा उन दावों को खारिज करने के एक दिन बाद आया है, जिसमें कहा गया था कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौता इसलिए नहीं हो सका क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को फोन नहीं किया।


अमेरिकी मंत्री के विवादास्पद बयान

हाल ही में अमेरिका के वाणिज्य सचिव हॉवर्ड लटनिक ने कहा था कि प्रधानमंत्री मोदी के फोन न करने के कारण भारत-अमेरिका व्यापार समझौता आगे नहीं बढ़ सका, जबकि अमेरिका अन्य देशों के साथ व्यापार समझौतों में आगे बढ़ गया है।


बंद दरवाजों के पीछे बातचीत

पीयूष गोयल ने एक न्यूज चैनल से बातचीत में कहा कि व्यापार समझौते जैसे संवेदनशील मुद्दों पर चर्चा सार्वजनिक मंचों पर नहीं, बल्कि बंद दरवाजों के पीछे होती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि व्यापार समझौते की शर्तों और बारीकियों पर मीडिया के सामने चर्चा नहीं की जा सकती।


पहले आने वालों को बेहतर डील का तर्क

अमेरिकी वाणिज्य सचिव हॉवर्ड लटनिक ने कहा था कि राष्ट्रपति ट्रंप व्यापार समझौते को एक सीढ़ी की तरह देखते हैं, जिसमें जो देश पहले समझौता करते हैं, उन्हें बेहतर शर्तें मिलती हैं। उन्होंने कहा, “पहली सीढ़ी पर चढ़ने वाले को सबसे अच्छी डील मिलती है।”


विदेश मंत्रालय का स्पष्टीकरण

भारत के विदेश मंत्रालय ने इस पूरे कथानक को भ्रामक बताया है। प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत और अमेरिका पिछले एक साल से अधिक समय से द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर निरंतर और गहन बातचीत कर रहे हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वर्ष 2025 के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच आठ बार फोन पर बातचीत हुई है, जिसमें भारत-अमेरिका व्यापक साझेदारी के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई।