भारत और अमेरिका के बीच व्यापार वार्ता: क्या नया समझौता लाएगा?
महत्वपूर्ण व्यापार वार्ता का आगाज़
नई दिल्ली: सोमवार का दिन भारत के लिए वैश्विक व्यापार के संदर्भ में अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस दिन भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से प्रतीक्षित अंतरिम व्यापार समझौते के मसौदे को अंतिम रूप देने के लिए चार दिवसीय उच्चस्तरीय बैठक का आयोजन हो रहा है। इसके साथ ही, भारत और ओमान के बीच मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) भी आज से लागू हो जाएगा, जिसका औपचारिक ऐलान दोनों देश करेंगे।
भारत-अमेरिका की चार दिवसीय बैठक
नई दिल्ली में शुरू हो रही इस बैठक में दोनों देशों के मुख्य वार्ताकार आमने-सामने होंगे। अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व ब्रेंडन लिंच कर रहे हैं, जबकि भारतीय पक्ष का नेतृत्व वाणिज्य विभाग के अतिरिक्त सचिव दर्पण जैन करेंगे।
बैठक का उद्देश्य
इस बैठक का मुख्य लक्ष्य फरवरी में तय हुए अंतरिम व्यापार समझौते की कानूनी रूपरेखा को अंतिम रूप देना है। वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार, दोनों देश न केवल इस समझौते के ब्योरे को अंतिम रूप देंगे, बल्कि व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) के तहत बाजार पहुंच, गैर-शुल्क उपायों, सीमा शुल्क, व्यापार सुविधा, निवेश प्रोत्साहन और आर्थिक सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी चर्चा करेंगे।
फरवरी में बनी थी रूपरेखा
भारत और अमेरिका ने 7 फरवरी को एक संयुक्त बयान जारी कर इस पारस्परिक रूप से लाभकारी अंतरिम समझौते की रूपरेखा पर सहमति जताई थी। इस रूपरेखा के अनुसार, अमेरिका ने भारतीय वस्तुओं पर शुल्क को 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत करने का वादा किया था। इसके अलावा, रूसी तेल खरीदने के कारण भारतीय सामानों पर लगाए गए 25 प्रतिशत शुल्क को भी घटाकर 18 प्रतिशत करने की बात की गई थी।
नए शुल्क की घोषणा
20 फरवरी को अमेरिकी उच्चतम न्यायालय ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए व्यापक जवाबी शुल्क के खिलाफ फैसला सुनाया। इसके बाद, अमेरिकी राष्ट्रपति ने 24 फरवरी से अगले 150 दिनों के लिए सभी देशों पर 10 प्रतिशत का नया शुल्क लगाने की घोषणा की। अमेरिकी नीतियों में आए इस बड़े बदलाव के कारण फरवरी में होने वाली वार्ता टल गई थी। यह चार दिवसीय बैठक दोनों देशों के रणनीतिक और आर्थिक संबंधों को नई दिशा देने की क्षमता रखती है।
